खास बातें फरीदाबाद से मेरठ कंकरखेडा पहुंचे जगदीश शहीद भतीजे के साथ हुई बातचीत की साझा जम्मू कश्मीर में जल्द बड़ा फैसला ले सरकार
मेरठ। शहीद मेजर केतन शर्मा के चाचा जगदीश मंगलवार को मेरठ पहुंचे। अपने भतीजे की शहादत का समाचार सुनकर वे बहुत दुखी हैं। भतीजे के साथ अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए चाचा जगदीश ने कहा कि केतन बहुत मिलनसार था। जिससे वह एक बार मिलता था उसको भूल नहीं सकता था। जगदीश फरीदाबाद रहते हैं। उन्होंने बताया कि भतीजे केतन से उनकी बात बीती 22 और 23 मई को हुई थी।
केतन की बतार्इ ये बातें
उस दौरान केतन मेरठ अवकाश पर आया हुआ था। फोन पर ही उन्होंने केतन से कहा कि उनसे मिलने नहीं आया। तो केतन ने कहा कि अगली बार आऊंगा तब मिलूंगा। अब छुट्टियां खत्म हो चुकी है। जगदीश पुरानी यादों को याद कर बताते हैं कि एक बार उनके यहां शादी थी और उस शादी में केतन आया था। जगदीश ने केतन को अपने दोस्तों से मिलवाया और कहा कि ये मेजर साहब मेरा भतीजा है। इस पर केतन ने सभी के पैर छुए थे। वे भी केतन ने एक बार में बात कर उनके मुरीद हो गए थे। उन्होंने बताया कि जो भी केतन से एक बार मिल लेता था। वह केतन को भूलता नहीं था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार से एक ही मांग है कि सरकार जम्मू-कश्मीर मामले में जल्द से जल्द बड़ा फैसला ले। हमारे बहुत से जवान और बच्चे वहां पर शहीद हो रहे हैं। जो कि गलत है। सरकार कोई ऐसी ठोस रणनीति बनाए जिससे वहां पर जारी आतंकवाद पर लगाम लग सके।
मिलने का किया था वादा
चाचा जगदीश ने नम आंखों से केतन की पुरानी यादों को याद करते हुए कहा कि केतन जब भी फोन करता तो यही कहता था कि आप आए नहीं। इस बार भी उसने मिलने का वादा किया था। लेकिन छुट्टी कम होने के कारण यह कहकर चला गया कि उसकी ड्यूटी आतंकवाद प्रभावित क्षेत्र में है। वह जब दोबारा आएगा तब मिलने जरूर आएगा।