मेरठ

UP ATS News: जैश-ए-मोहम्मद से कथित कनेक्शन, UP ATS ने 24 साल के जफर को पकड़ा, मोबाइल से मिले पाकिस्तान लिंक के सुराग

UP ATS Mohammed Zafar Arrest: UP ATS ने जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंधों के आरोप में 24 वर्षीय मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया है। ATS के मुताबिक उसके मोबाइल से पाकिस्तान से जुड़े जेहादी WhatsApp ग्रुप और सोशल मीडिया गतिविधियों के सुराग मिले हैं।
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Aug 17, 2026
UP ATS News Mohammed Zafar Arrest Jaish-e-Mohammed
UP ATS ने 24 वर्षीय मोहम्मद जफर को दबोचा

UP ATS Mohammed Zafar Arrest: यूपी एटीएस ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंधों के मामले में 24 वर्षीय मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया है। एटीएस के मुताबिक, बिहार के पूर्णिया का रहने वाला जफर कुछ समय मेरठ के एक मदरसे में पढ़ा था। जांच एजेंसी अब उसके सोशल मीडिया संपर्कों, कथित फंडिंग और पाकिस्तान से जुड़े ऑनलाइन नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

एटीएस का दावा है कि जफर जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के भाषणों और विचारों से प्रभावित था। आरोप है कि वह सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी और हिंसक विचारों वाली सामग्री लोगों तक पहुंचाता था। उसके मोबाइल फोन की जांच के दौरान पाकिस्तान से जुड़े कुछ व्हाट्सऐप ग्रुप मिलने की बात भी एजेंसी ने कही है।

चंदे के नाम पर रकम जुटाने का आरोप

जांच एजेंसी के अनुसार, जफर कथित तौर पर मदरसे के नाम पर लोगों से चंदा जुटाता था। एटीएस को शक है कि इस रकम का कुछ हिस्सा पाकिस्तान में मौजूद आतंकी नेटवर्क तक पहुंचाया जाता था। अब जांच का अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि कथित तौर पर जुटाई गई रकम कहां से आई, उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया और क्या इसमें कोई अन्य व्यक्ति या नेटवर्क भी शामिल था। इन बिंदुओं पर एजेंसी पूछताछ कर रही है।

मोबाइल और सोशल मीडिया से मिले कथित सुराग

एटीएस के मुताबिक, जफर के मोबाइल में ऐसे व्हाट्सऐप ग्रुप मिले हैं, जिनमें कथित तौर पर जेहाद और चंदे से संबंधित बातचीत होती थी। जांच एजेंसी यह भी कह रही है कि वह फेसबुक पर चेहरा ढककर जेहाद और खिलाफत से जुड़े बयान पोस्ट करता था।
एजेंसी अब उसके डिजिटल फुटप्रिंट की जांच कर रही है। इसमें सोशल मीडिया अकाउंट, ऑनलाइन संपर्क, ग्रुप में हुई बातचीत और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।

मसूद अजहर के भाषणों से प्रभावित होने का दावा

एटीएस के अनुसार, जफर जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के भाषणों से प्रभावित था। आरोप है कि वह इन भाषणों और अन्य भड़काऊ सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा करता था और लोगों को हिंसक गतिविधियों के लिए उकसाने की कोशिश करता था।
हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। फिलहाल ये बातें यूपी एटीएस की ओर से बताए गए जांच के निष्कर्ष और आरोप हैं।

अब नेटवर्क की तलाश में जुटी ATS

जफर की गिरफ्तारी के बाद जांच का फोकस सिर्फ उसके व्यक्तिगत संपर्कों तक सीमित नहीं है। एटीएस यह पता लगाने में जुटी है कि उसके कथित ऑनलाइन नेटवर्क में और कौन लोग जुड़े थे और क्या किसी तरह की फंडिंग या आतंकी गतिविधियों के लिए संपर्क स्थापित किया गया था। मामले में आगे की जांच के दौरान डिजिटल डिवाइस, सोशल मीडिया गतिविधियों और कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल अहम मानी जा रही है।

Updated on:
17 Aug 2026 05:35 pm
Published on:
17 Aug 2026 05:34 pm