
UP Crime : पुलिस कस्टडी से फरार होने वाले पांच लाख रुपये के इनामी बदमाश बदन सिंह बद्दो की फाइल एक बार फिर से खोल ली गई है। एडीजी भानु भाष्कर ने मेरठ जोन का पदभार संभालते ही बदन सिंह बद्दो की फाइल अपनी टेबल पर मंगा ली है। इस एक्शन से माना जा रहा है कि अब बदन सिंह बद्दो जहां भी छिपा होगा पुलिस उसे ढूंड निकालेगी।
एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर ने कार्यभार संभालने के बाद कहा कि वर्तमान में पुलिस और जनता के लिए साइबर अपराध चुनौती है। साइबर अपराधियों की कमर तोड़ने का लिए जोन में विशेष काम किए जाएंगे। गोष्ठियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही जो आदतन अपराधी हैं उन पर शिकंजा कसने के साथ-साथ इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी की लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
मेरठ के नए एडीजी मूल रूप से बलिया के रहने वाले हैं। 1999 बैच के आईपीएस भानु भास्कर मुरादाबाद, इटावा, औरेया, मथुरा और रामपुर समेत अन्य कई जिलों में एसएसपी रह चुके हैं। वह प्रयागराज, सहारनपुर और आगरा के डीआईजी भी रह चुके हैं। वर्ष 2021 में एडीजी कानपुर भी रह चुके हैं। प्रयागराज के एडीजी रहते हुए उन्होंने महाकुंभ मेले का आयोजन भी कराया।
अब मेरठ का चार्ज लेने के बाद उन्होंने कहा है कि, महिला और बाल अपराधों की समीक्षा हर माह की जाएगी। मेरठ के चर्चित बदन सिंह बद्दो की केस हिस्ट्री निकलवाई गई है। अब तक उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने कितने प्रयास किए हैं उनकी समीक्षा की जाएगी और फिर उसकी गिरफ्तारी के लिए प्लान तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही ट्रैफिक की समस्या को दूर करने के लिए भी कार्य किया जाएगा।
बदन सिंह बद्दो वेस्ट यूपी में आतंक का पर्याय है। बदन सिंह बद्दो को उसके महंगे शौक की वजह से उसे विलासितापूर्ण जीवनशैली के लिए भी जाना जाता है। वर्ष 1996 में एक वकील की हत्या के आरोप में बदन सिंह बद्दो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। बदन सिंह बद्दो पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। इसके बाद उसका कोई पता नहीं चल रहा है। यूपी पुलिस ने बदन सिंह बद्दो पर पांच लाख रुपये का इनाम रखा है।