खास बातें इनामी बदमाश रहे भूपेंद्र बाफर को सरकारी सुरक्षा देने का मामला मेरठ के जानी थाने के हिस्ट्रीशीटर पर 30 से ज्यादा मुकदमे हैं दर्ज करीब दो महीने पहले कुख्यात भूपेंद्र बाफर को दिए गए थे दो गनर
मेरठ। मेरठ के जानी थाने के हिस्ट्रीशीटर आैर एक लाख रुपये का इनामी बदमाश रहे भूपेंद्र बाफर (Criminal Bhupendra Bafar) को सरकारी सुरक्षा (Police Gunners) दिए जाने का मामला शासन तक पहुंचने के बाद जांच बिठा दी गर्इ है। इस मामले में अफसर घिर गए हैं, क्योंकि बाफर को सुरक्षा मुहैया कराने की रिपोर्ट में उसका आपराधिक इतिहास छिपाने की बात कही जा रही है। इस मामले में सरधना विधायक संगीत सोम (Sardhna MLA Sangeet Som) ने एसएसपी मेरठ (SSP Meerut) को पत्र लिखकर जवाब मांगा था। साथ ही शासन को भी पत्र भेजा था।
30 से ज्यादा हैं आपराधिक मुकदमे
कुख्यात भूपेंद्र बाफर मेरठ के थाना जानी का हिस्ट्रीशीटर है आैर उसके खिलाफ 30 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। कुख्यात भूपेंद्र बाफर एक लाख रुपये का इनामी बदमाश रह चुका है। इन दिनों जमानत पर बाहर है। करीब दो महीने पहले सरकारी सुरक्षा के तौर पर दो गनर दिए गए थे। बाफर कुख्यात बदन सिंह बद्दो आैर सुशील मूंछ के साथ आपराधिक दुनिया में सक्रिय रहा था। करीब दो साल पहले बद्दो आैर मूंछ का विवाद हो गया था। बद्दो से विवाद के चलते बाफर की सुशील मूंछ से भी दुश्मनी हो गर्इ थी। इसी साल 28 फरवरी को मेरठ के मुकुट महल से पुलिस कस्टडी से बद्दो फरार हो गया था। जमानत पर बाहर आए बाफर ने अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा मांगी थी। करीब दो महीने पहले उसे दो गनर मुहैया कराए गए थे। एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि कुख्यात सुशील मूंछ की गिरफ्तारी के बाद भूपेंद्र बाफर ने जान का खतरा बताया था, जिस पर डीएम, तत्कालीन एसएसपी व सीर्इआे एलआर्इयू की रिपोर्ट पर बाफर को सुरक्षा मुहैया करार्इ गर्इ।
सुरक्षा देने के मामले में जांच
सरधना विधायक संगीत सोम ने कुख्यात भूपेंद्र बाफर को सरकारी सुरक्षा दिए जाने के मामले को उठाते हुए मौजूदा एसएसपी अजय साहनी से जवाब मांगा था। इसके अलावा उन्होंने शासन को भी पत्र लिखा था। इसके बाद शासन ने मामला संज्ञान लेते हुए जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में सरकारी सुरक्षा देने वाले अफसर घिर गए हैं।