मेरठ

Darul Uloom Deoband : योगी सरकार के फैसले के खिलाफ 24 सितंबर को दारूल उलूम में जुटेंगे मदरसा संचालक

Darul Uloom Deoband योगी सरकार द्वारा प्रदेश के गैर मान्यता प्राप्त व स्ववित्त पोषित मदरसों का सर्वे कराने की घोषणा के बाद से मदरसा संचालकों की हवाइया उड़ी हुई है। इसको लेकर अब देश के प्रमुख इस्लामी तालीम के केंद्र दारुल उलूम ने बड़ा निर्णय लिया है। दारूल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने जानकारी दी है।
less than 1 minute read
• •
Updated: 9 Sep 2022, 3:59 PM IST
devband.jpg

Darul Uloom Deoband आगामी 24 सितंबर को देवबंद में बड़ा इजलास की घोषणा की गई है। जिसमें उप्र के सभी मदरसा संचालकों को बुलाया गया है। जिसमें मदरसा संचालकों के हित में बड़ा फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की इस घोषणा के बाद ही मदरसा संचालकों के हित में ही इस मामले में निर्णय लिया जाएगा। देवबंद में प्रदेश भर के करीब 250 से अधिक मदरसों के जिम्मेदार लोग शामिल होंगे। दारुल उलूम मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने अपने बयान में कहा कि मदरसा सर्वे के बारे में उप्र सरकार ने जो निर्णय लिया है वह बेहद अफसोसजनक बात है।

इस संबंध में बीते दिन संस्था के अंदर ही मजलिस-ए-तालीमी बैठक का आयोजन किया था। जिसमें यह फैसला लिया गया है कि आगामी 24 सितंबर को देवबंद में प्रदेश भर के मदरसा संचालकों का इजलास बुलाया जाए। इसमें उत्तर प्रदेश के 250 से अधिक मदरसा संचालकों को बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इजलास में मदरसों का सर्वे कराने वाली घोषणा को लेकर लाइन ऑफ एक्शन तैयार किया जाएगा।

इसमें सभी लोगों का मशविरा लिया जाएगा। उसके बाद जो भी सहमति बनाकर दारूल उलूम इसके बाद अपनी राय रखेगी। मदरसों के सरकारी सर्वे को लेकर देवबंद में होने वाले इस इजलास में दारुल उलूम से संबंद्ध मदरसों के संचालकों को बुलाया जाएगा। इसके लिए दारूल उलूम में तैयारियां शुरू कर दी हैं। मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी का कहना है कि इजलास में तय किया जाएगा कि सरकारी सर्वे पर क्या रुख अपनाया जाए।

Updated on:
9 Sep 2022, 3:59 PM IST
Published on: