खास बातें- एसएसपी बुलंदशहर के निलंबन के बाद दिया गया यह आदेश डीजीपी हेडक्‍वार्टर को लगातार मिल रही थीं शिकायतें आईजी ने कहा- मुख्‍यालय के आदेश का कड़ाई से पालन किया जाएगा
मेरठ। उत्तर प्रदेश पुलिस में थानेदारों के तबादले को लेकर बड़ा आदेश सामने आया है। इसको लेकर डीजपी मुख्यालय ये सर्कुलर जारी कर दिया गया है। माना जा रहा है कि एसएसपी बुलंदशहर को सस्पेंड करने के बाद यह आदेश दिया गया था। बताया जा रहा है कि उनको थानेदारों के तबादले को लेकर सस्पेंड किया गया था।
ये आरोप लगे थे एसएसपी पर
डीजीपी हेडक्वार्टर को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि थानेदारों के ट्रांसफर में शासनादेशों को सही से पालन नहीं किया जा रहा है। कुछ दिन पहले बुलंदशहर के एसएसपी एन कोलांची को सस्पेंड किया गया था। उन पर थानेदारों की तैनाती में अनियमितता के आरोप लगे थे। इकसे बाद अब डीजीपी ऑफिस से नया सर्कुलर आ गया है। इसके अनुसार, जो सब इंस्पेक्टर ट्रेनिंग के बाद तीन साल की नौकरी कर चुके हैं, वे एसओ पद के लायक होंगे। 58 साल की आयु होने पर किसी को भी थाना प्रभारी नहीं बनाया जाएगा। पांच साल में जिन दरोगा या इंस्पेक्टर का सत्यनिष्ठा प्रमाण पत्र न रोका गया हो, उनको थाना प्रभारी बनाया जाएगा।
डीआईजी या आईजी करेंगे तैनाती
थानेदारों की तैनाती रेंज के डीआईजी या आईजी करेंगे। उनकी अनुमति के बिना थानेदारों की तैनाती नहीं होगी। आईजी के द्वारा तैयार की गई सूची में से ही एसएसपी थानेदारों की तैनाती का अनुमोदन करेंगे। किसी भी थाना प्रभारी को हटाने पर आईजी को रिपोर्ट देनी होगी। जो दरोगा या इंस्पेक्टर जिस थाने में पूर्व में तैनात रहा हो, उसे वहां का थाना प्रभारी नहीं बनाया जा सकता है। इस बारे में आईजी रेंज आलोक सिंह का कहना है कि मुख्यालय और शासन के आदेश का कड़ाई से पालन किया जाएगा।