खास बातें पार्षदों के खिलाफ एसीएसटी एक्ट मुकदमा दर्ज करने की मांग कर्मचारियों की चेतावनी- अगर मांग नहीं हुई पूरी तो आंदोलन नगर निगम की बोर्ड बैठक में दोनों पक्षों में हुई थी झड़प
मेरठ। लगभग एक सप्ताह पूर्व नगर निगम की बोर्ड बैठक में पार्षदों और सफाई कर्मचारी नेताओं के बीच हुई झड़प की चिंगारी वाल्मीकि समाज के क्लर्क के तबादले पर और भड़क उठी है। सफाई कर्मचारियों ने भाजपा पार्षदों के दबाव में क्लर्क का ट्रांसफर किए जाने का आरोप लगाते हुए नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। डीएम को सौंपे ज्ञापन में वाल्मीकि समाज के लोगों ने उन पर अभद्र टिप्पणी करने वाले पार्षदों के खिलाफ भी एससीएसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की।
बताते चलें की बोर्ड बैठक में हंगामे के दौरान सफाई कर्मचारी और पार्षदों के बीच झड़प हो गई थी। आरोप है कि इसी दौरान कुछ पार्षदों ने अनुसूचित जाति के बाबू राजेश कुमार पर जाति ***** शब्द कहते हुए अभद्र टिप्पणी कर दी। सपा नेता विपिन मनोठिया के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे सफाई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम के अधिकारियों ने भाजपा पार्षदों के दबाव में बाबू राजेश कुमार का ट्रांसफर कंकरखेड़ा कर दिया है। उन्होंने इसे एक तरफा कार्रवाई बताते हुए जातिसूचक शब्द कहने वाले भाजपा पार्षदों के खिलाफ भी एससीएसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग उठाई। इसी के साथ चेतावनी कि यदि नगर निगम के अधिकारियों ने वाल्मीकि समाज के लोगों का उत्पीड़न बंद नहीं किया तो समाज के लोग साफ सफाई का काम ठप करके शहर में बड़ा आंदोलन चलाएंगे।