कहा- देश में नया षडयंत्र रचकर तोड़ने की साजिश चल रही
मेरठ। विश्व हिन्दू परिषद के प्रशिक्षण वर्ग के समापन कार्यक्रम में भाग लेने आए विहिप के संयुक्त महामंत्री सुरेंद्र जैन ने कहा कि आज भारत को तोड़ने के लिए जेहादी इसमी शक्तियां तो हमेशा से प्रयासरत रही हैं, परन्तु वर्तमान में ईसाई मिशनरियां भी राष्ट्रविरोधी रूप में खुलकर सामने आ गई हैं। दिल्ली, गोवा तथा अन्य कई स्थानों पर चर्चों ने भारत की चुनी हुई सरकार को स्थिर करने का षडयंत्र रचा है। ये सरकार के खिलाफ झूठा आरोप लगाकर संपूर्ण विश्व में भारत को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। ईसाई मिशनरियां भारत में वेटिकन के इशारे पर चलने वाली कठपुतली सरकार लाना चाहते हैं। इस समय देश में इन दोनों शक्तियों के साथ अब माओवादी और तथाकथित सेकुलरवादी मिलकर काम कर रहे हैं। ये शक्तियां देश को तोड़ने के लिए हिंसा फैला रही हैं। कोरेगांव की घटना से यह स्पष्ट हो चुका है कि कुछ माओवादियों ने इस भीषण हिंसा को अंजाम दिया। अब वही लोग देश के प्रधानमंत्री की हत्या करना चाहते हैं।
तमिलनाडु हिंसा माओवादियों का काम
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में हुई हिंसा भी माओवादी और ईसाइ संगठनों का काम है। रमजान के पाक मौके पर हिंसा का ताड़व नहीं रोका गया। तीन दिन तक रांची और कश्मीर घाटी जलती रही। कई स्थानों पर तो ईद के दिन भी हिंसा हुई है, जो कि देश के खिलाफ बड़े षडयंत्र की ओर इशारा कर रहा है।
देश में लग रहे जय भीम और जय मीन के नारे
भारत में नया षडयंत्र जय भीम और जय मीन के नारे लगाकर रचा जा रहा है। दलित-मुस्लिमों का नारा रचकर वह हिंदू समाज की एक जुझारू धर्मप्रेमी राष्टभक्त वर्ग में अलगाववाद को भाव पैदा करना चाहते हैं। यह षडयंत्र 1946 में भी रचा गया था। तब स्वयं डा. भीमराव अंबेडकर ने इस षडयंत्र को समझते हुए कहा था कि भारत की अनुसूचित जातियां जिहादियों के इस षडयंत्र में नहीं फंसने वाली हैं। उन्होंने कहा कि लव जेहाद के नाम पर बहन-बेटियों का अपमान किया जा रहा है। प्रेस कांफ्रेंस में संजय, सुदर्शन चक्र महाराज, बलराज डूंगरपुर, गोपाल आदि उपस्थित रहे।