पानी की बर्बादी आने वाले समय में लोगों को डाल देगी परेशानी में
केपी त्रिपाठी, मेरठ। मेरठ पश्चिम उप्र का एक ऐसा जिला। जिसे जल संपदा के मामले में धनी कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति न होगी, लेकिन मेरठवासी अपनी इस जल संपदा को बचाने के लिए कितने जागरूक और सतर्क हैं, यह आपको इस वीडियो को ही देखकर पता चल जाएगा। मेरठवासियों के लिए पानी का कोई मोल नहीं है। यह यहां के लोगों के लिए न तो अनमोल है और न ही कोई ऐसी जरूरी चीज जिसको कि सहेजा जा सके। यह बात अलग है कि सरकारें लोगों को पानी संरक्षण के लिए नित नए उपाए बता रही हैं, लेकिन इसके बाद भी मेरठवासी इसके प्रति सजग नहीं है। सामान्य चार सदस्य का परिवार प्रतिदिन 450 लीटर (120 गैलन) पानी का प्रयोग करता है, जो कि साल में 164,000 लीटर (44000 गैलन) होता है। यदि हम भारत की बात करें तो देखेंगे कि एक तरफ दिल्ली, मुंबई जैसे महानगर हैं, जहां पानी की किल्लत तो है। वहीं दूसरी तरफ मेरठ है जहां पर हजारों गैलन पानी प्रतिदिन बर्बाद कर दिया जाता है। इतना सब कुछ होने के बाद भी यहां पर पानी की समस्या विकराल रूप में नहीं है।
पानी की इतनी बर्बादी ठीक नहीं
पानी की बर्बादी का हाल यही रहा तो वह दिन दूर नहीं जब यह आने वाले समय में यह जरूर ऐसा रूप धारण कर लेगी। मेरठ के अलावा कुछ ऐसे राज्य की बात करें, जहां पर आज भी कितने ही लोग साफ पानी के अभाव में या फिर रोग जनित गन्दे पानी से दम तोड़ रहे हैं। राजस्थान का जैसलमेर और अन्य रेगिस्तानी इलाकों में पानी आदमी की जान से भी ज्यादा कीमती है। पीने का पानी इस इलाकों में बड़ी कठिनाई से मिलता है। कई-कई किलोमीटर चलकर महिलाएं पीने का पानी लाती हैं। इनकी जिंदगी का एक अहम समय पानी की जद्दोजहद में ही बीत जाता है। भूगोलशास्त्री डा. कंचन सिंह के मुताबिक मेरठवासी प्रतिदिन वाहन धोने में ही 10 लाख लीटर पानी बर्बाद कर देते हैं। इसके अलावा पाइप लाइनों के वॉल्व की खराबी और घरों में नलों की खराबी के कारण 5 प्रतिशत पानी बेकार बह जाता है। देश में महिला को पानी लाने के लिए रोज ही औसतन पांच किमी का सफर पैदल ही तय करना होता है। जबकि मेरठ की महिलाओं के लिए ये सफर 1/4 किमी से भी कम है।
इन चीजों में अधिक पानी बर्बाद करते हैं
मेरठवासी ब्रश करते समय नल खुला रह गया है, तो पांच मिनट में करीब 25 से 30 लीटर पानी बर्बाद करते हैं। नहाने के टब में नहाते समय 300 से 500 लीटर पानी बहा देते हैं। जबकि सामान्य रूप से नहाने में 100 से 150 लीटर पानी लगता है। मेरठवासी प्रतिदिन औसतन एक से दो लीटर और पशु 50 लीटर पानी पी जाता है।