लोक सभा चुनाव के लिए पहले चरण के लिए नामांकन-पत्र मिलने शुरू हुए
मेरठ। सपा-बसपा के गठबंधन के बाद मायावती आैर अखिलेश यादव ने अपने-अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। सीटों के बंटवारे के बाद उम्मीदवारों ने नामों की घोषणा के लिए दोनों ही नेता फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं आैर दूसरी पार्टियों पर भी नजरें गड़ाए बैठे हैं। पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन-पत्र मिलने शुरू भी हो गए हैं, लेकिन मायावती का एक खास सिपाही एेसा है जिसने बहन जी के आदेश के बारे में सोचा तक नहीं आैर पहले ही दिन नामांकन-पत्र प्राप्त कर लिया। एेसे में गुपचुप चर्चा बसपा ही नहीं सपा कार्यकर्ताआें में भी शुरू हो गर्इ है।
याकूब कुरैशी को लोक सभा प्रभारी बनाया था
पूर्व मंत्री बसपा के हाजी याकूब कुरैशी ने पहले ही दिन नामांकन-पत्र प्राप्त कर लिया है। याकूब की गिनती मायावती के खास सिपाहियों में होती है। बसपा सुप्रीमो ने अपने जन्मदिन के दिन इस पूर्व मंत्री को मेरठ-हापुड़ लोक सभा सीट का प्रभारी नियुक्त करने की घोषणा कर दी थी। तभी से ये चर्चा उड़ी कि याकूब इस सीट पर बसपा उम्मीदवार होंगे, हालांकि मायावती की आेर से अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है। बसपा सुप्रीमाे ने अभी तक पहले चरण के उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है, एेसे में याकूब के पर्चा लेने के पीछे यही माना जा रहा है कि याकूब खुद को बसपा उम्मीदवार मानकर चल रहे हैं। माना जा रहा है कि इस अनुशासनहीनता के कारण कहीं बहन जी अपने इस चहेते का नाम उम्मीदवारों की सूची से न काट दें। हालांकि इस पर बसपा का कोर्इ नेता कुछ भी कहने से बच रहा है, लेकिन इतना जरूर कह रहे हैं कि याकूब के नाम की चर्चा शुरू से चल रही है, इसलिए उन्होंने नामांकन-पत्र पहले ही ले लिया।