Highlights शस्त्र लाइसेंस को लेकर योगी सरकार की पहल अभियान में जिला व पुलिस प्रशासन शामिल अक्टूबर से दिसंबर तक चलेगा यह अभियान
मेरठ। लाइसेंसी हथियार (Arms License) रखने वालों पर शिकंजा कसने के लिए योगी सरकार (Yogi Government) ने कुछ नए कदम उठाए हैं। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में शस्त्र लाइसेंस को लेकर अभियान शुरू किया गया है। इसमें लाइसेंसी हथियार का गलत इस्तेमाल करने को लेकर प्रदेश की पुलिस और जिला प्रशासन (Districts Administrations) सत्यापन करेगा और शस्त्र लाइसेंस में कुछ भी गड़बड़ी मिलने पर शस्त्र धारक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शस्त्र और कारतूसों का सत्यापन
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने सभी व्यक्तिगत शस्त्र लइासेंस धारकों (Arms License Holders) के शस्त्रों और उनके द्वारा खरीदे गए व इस्तेमाल किए गए कारतूसों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। इस बड़े अभियान में पुलिस और प्रशासन के अफसर और कर्मचारी शामिल रहेंगे। पहला चरण 20 सितंबर से शुरू होगा और 31 दिसंबर तक सभी शस्त्र लाइसेंस धारकों की रिपोर्ट तैयार होगी। शासन ने ये आदेश प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को दिए हैं। इसमें कहा गया है कि वे अपने यहां 20 अक्टूबर तक अभियान चलाकर एडीएम सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट और अपने यहां रखी फाइलों और एनडीएएल पोर्टल पर दर्ज शस्त्र के यूआईएन के अुनसार मिलान करके यह देखें कि वैध पत्रावालियों, हस्ताक्षर और स्वीकृति के बगैर कोई शस्त्र लाइसेंस तो निर्गत नहीं किया गया है।
पुलिस चलाएगी अलग अभियान
प्रदेश के सभी एसएसपी 21 अक्टूबर से 21 नवंबर तक जिले के सभी थानाप्रभारियों के जरिए थानों में रखे गए रजिस्टरों का मिलान डीएम कार्यालय के शस्त्र अनुभाग के रजिस्टरों के अनुसार कराएंगे। इसके बाद 25 नवंबर से 31 दिसंबर तक जिले की पुलिस लाइन में सिटी मजिस्ट्रेट, एएसपी, सीओ, प्रतिसार निरीक्षक की देखरेख में एक और अभियान चलेगा, जिसमें चेकलिस्ट के अनुसार लाइसेंस धारकों के शस्त्र लाइसेंस, शस्त्र व कारतूसों का भौतिक सत्यापन थानेवार व दिवसवार रोस्टर के रूप में होगा।
इन पर होगा एक्शन
शासन के आदेशानुसार भौतिक सत्यापन की पूरी रिपोर्ट डीएम को प्रस्तुत की जाएगी। कोई भी लाइसेंसधारी अपने लाइसेंसी शस्त्र का उपयोग अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा के अतिरिक्त किसी अन्य उद्देश्य से दुरुपयोग करता करता पाया जाएगा तो उसके खिलाफ लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन के आरोप में आयुध अधिनियम के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी।