विंध्याचल में कजरी मेले के आयोजन पर नाव रेस के दौरान यह नजारा देखने को मिला ।
मिर्जापुर. यूपी में इन दिनों गंगा नदी उफान पर है, पूर्वांचल के कई हिस्से बाढ़ की चपेट में आने लगे हैं, ऐहतियात के तौर पर लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है, मगर यूपी के बीजेपी विधायक उफनती लहरों के बीच खुद की जान जोखिम डालते हुए लोगों के लिये भी परेशानी उत्पन्न कर रहे हैं ।
विंध्याचल में कजरी मेले के आयोजन पर नाव रेस के दौरान यह नजारा देखने को मिला । उफनती हुई नदी पर मौत के रेस का आयोजन बगैर किसी लाइफ सपोर्ट साजो-सामान के जान जोखिम में डालकर किया गया । इस रेस में मिर्जापुर नगर के विधायक रत्नाकर मिश्रा बिना किसी लाइफ जैकेट के गंगा नदी में उतरे। विधायक इस रेस के रेफरी की भूमिका में नजर आये। वह खुद रेस में शामिल नावों के आगे आगे स्ट्रीमर से चल रहे थे। वहीं इस रेस को देखने के लिए सैकड़ों लोग पुल पर खड़े थे। यह मेला आज़ादी के पहले से ही आयोजित होता चला आ रहा है, इसी मेले में नावों की रेस का आयोजन हुआ। जिसमें आस पास के कई जिलों से प्रतियोगी यहां जान जोखिम में डालकर रेस में भाग लेते है। नाव रेस जीतने वाले को इनाम भी दिया जाता है। इस मेले में भाग लेने के लिए लोग बहुत पहले से ही तैयारी करते हैं।
मेले के आयोजक रामबली निषाद का कहना है कि मेले में तैराकी, नौका दौड़, कुश्ती सहित कई प्रतियोगिता होता है। उनका कहना है कि मेले का आयोजन पहले सरकारी सहायता मिली थी। यह सहायता 1923 में इसके बाद 1984 तक चला, इसके बाद बंद कर दिया गया इसके बाद पुनः 1990 में एक बार दिया गया फिर बंद कर दिया गया।। 1990 से कई संस्थाओं के सहयोग से वह इस मेले को हर वर्ष करवाते है। मगर सवाल उठता है कि आखिर बिना किसी लाइफ जैकेट के जान जोखिम में डाल कर विधायक और नाविक आखिर क्यों इस रेस में भाग ले रहे है, जबकि इन दिनों गंगा के पानी में लगातार वृद्धि हो रही है।
BY- SURESH SINGH