पुलिस ने अंतर्जनपदीय चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है मामले में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरोह के दो सदस्यों को पैरों में गोली मार कर गिरफ्तार किया है, जबकि उनके दो साथियों को दूसरी गाड़ी से पकड़ा गया है...
मिर्जापुर: अहरौरा पुलिस ने अंतर्जनपदीय चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है मामले में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरोह के दो सदस्यों को पैरों में गोली मार कर गिरफ्तार किया है, जबकि उनके दो साथियों को दूसरी गाड़ी से पकड़ा गया है। पुलिस ने आरोपियों कब्जे से दो-चार पहिया वाहन, दो अवैध तमंचे, कारतूस और भारी मात्रा में शराब की पेटियां बरामद की है।
अहरौरा पुलिस ने बुधवार की देर रात मुठभेड़ के दौरान चोर गिरोह के दो सदस्यों के पैर में गोली मारकर उन्हें गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों द्वारा बताए जाने के बाद उनके दो अन्य साथियों को भी दूसरी गाड़ी से पुलिस ने पकड़ा है। बताया जा रहा है कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शराब की दुकान से चोरी किए गए माल को कुछ लोग पिकअप में और कर में लेकर सोनभद्र जनपद की तरफ जा रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, मुखबिर द्वारा सूचना मिलने के बाद अहरौरा फ्लाईओवर के पास पुलिस ने अभियान चलाया और सामने आ रही पिकअप को रोकने का प्रयास किया। इसके बाद चालक ने वाहन को जंगल की तरफ मोड़ दिया और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की मानें तो जवाबी कार्रवाई में करण बिन्द और गंगाराम बिन्द के पैर में गोली लगी, जिन्हें हिरासत में लेते हुए अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से 36 पेटी देशी शराब व 68,100 रुपए नकद बरामद हुए हैं। इसके साथ ही दो तमंचे और कारतूस भी पुलिस को आरोपियों के पास से मिले हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान रामपुर ढाबही के एक बगीचे से एक कार में सवार आर्यन यादव और रामभरोस साहनी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की कार को जब चेक किया गया तो उनकी कार से चार पेटी देशी शराब और 27,200 रुपए कैश बरामद हुआ।
पुलिस ने बताया कि यह गिरोह इलाके की पहले रेकी करटा है और बंद पड़े मकान और दुकानों की रेकी करने के बाद रात में उसमें घुसकर चोरी की घटना को अंजाम देते हैं। पुलिस ने बताया कि ये सभी शातिर किस्म के चोर हैं और वारदात के समय अपना मोबाइल फोन बंद रखते थे, ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस ना हो सके।
पुलिस ने बताया कि चोरी के माल को ये लोग चंदौली जनपद के मुगलसराय में एक वेयरहाउस में रखा करते थे और धीरे-धीरे उसमें से सामानों को निकाल कर बिहार और उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों में बेच दिया करते थे। पुलिस को मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्तों पर मिर्जापुर और सोनभद्र के कई थानों में गंभीर मामले में मुकदमे दर्ज हैं।