मिर्जापुर

रेंजर को फंसाने के लिये हिम्मत कोल की हुई थी हत्या, दोस्तों ने ही मारी थी गोली

एक अन्य आरोपी अभी भी फरार चल रहा है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
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Murder case disclosed
हत्याकांड का खुलासा

मिर्जापुर. वन विभाग के रेंजर को फंसाने के लिए दोस्तों ने ही अपने बुजुर्ग साथी की गोली मार कर हत्या कर दी। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए हत्या में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जबकि एक अन्य आरोपी अभी भी फरार चल रहा है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।

पुलिस के अनुसार रेंजर के वन क्षेत्र में किये गए अतिक्रमण के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान से नाराजगी की वजह से रेंजर को फंसाने के लिए हत्या को अंजाम दिया गया था। हलिया थाना क्षेत्र में 17 अक्टूबर को 60 साल के हिम्मत कोल की गोली मारकर हत्या के मामले का शुक्रवार को पुलिस ने खुलासा किया।

पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में पुलिस आधीक्षक शालिनी ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक हिम्मत कोल की हत्या उन्हीं के साथियों ने रेंजर को फंसाने के लिए किया था। पुलिस के अनुसार स्थानीय रेंजर भाष्कर पांडेय की तरफ से लगातार वन क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जाता था, जिसकी वजह से हत्या आरोपी अदालत कोल और धर्मराज परेशान रहते थे। मृतक हिम्मत कोल भी इन्हीं का साथी थी।

रेंजर को फंसाने के लिए दोनों ने हिम्मत कोल को रामलीला देखने के बहाने फोन कर बुलाया और उसकी गोली मार कर हत्या कर दी। पुलिस ने जब अदालत कोल को हिरासत में लेकर पूछताछ किया तो उसने हत्या करने का अपराध कबूल करते हुए बताया कि रेंजर भाष्कर पांडेय उन लोगों की जमीन छीन ली और फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया। उनलोगों ने उसे फंसाने के लिये मिलकर साजिश रची और हिम्मत कोल को रामलीला देखने के लिये बुलाया और उसे गोली मार दी। पुलिस ने इसके पास से 12 बोर का तमंचा भी बरामद किया है। हत्या में शामिल दूसरे आरोपी धर्मराज की पुलिस तलाश कर रही है।

बता दें कि इस मामले में मृतक हिम्मत कोल के परिजनों ने स्थानीय रेंजर भाष्कर पांडेय पर प्रताड़ित करने और साथियों की मदद से हत्या करने का मुकदमा दर्ज करवाया था। मामले के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के कार्यकर्ता दो दिनों से भूख हड़ताल और धरना दे रहे थे।

वहीं घटना के खुलासे पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने पुलिस पर सवाल उठाते हुए इसे फर्जी खुलासा बताया। भाकपा (माले) नेताओं ने कहा कि रेंजर भाष्कर पांडेय और उनके साथियों को बचाने के लिए पुलिस झूठी कहानी गढ़ कर समाज को गुमराह कर रही है, जबकि इससे पहले मृतक हिम्मत कोल को जान से मारने कि धमकी रेंजर ने दिया था, जिसकी जानकारी भी पुलिस को दी गयी थी।

BY- SURESH SINGH

Updated on:
02 Nov 2018 06:03 pm
Published on:
02 Nov 2018 06:03 pm
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