देहात कोतवाली क्षेत्र में एंटी करप्शन की टीम ने रिश्वत लेते सदर तहसील के एक लेखपाल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस दौरान लेखपाल के एक सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया है...
मिर्जापुर: देहात कोतवाली क्षेत्र में एंटी करप्शन की टीम ने रिश्वत लेते सदर तहसील के एक लेखपाल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि लेखपाल के साथ उसके सहयोगी को भी टीम ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों को एंटी करप्शन की टीम अपने साथ लेकर कोतवाली गई, जहां मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, जिगना क्षेत्र के रहने वाले अजय यादव ने अपनी पत्नी की जमीन की पैमाइश के लिए लेखपाल सत्येंद्र बघेल से संपर्क किया था। अजय ने आरोप लगाया कि सत्येंद्र जमीन की पैमाइश के बदले उनसे पैसे की डिमांड करने लगा। पीड़ित ने बताया कि वह पैसे देने में असक्षम है, जिसके बाद सत्येंद्र ने उसकी जमीन की पैमाइश न करने की बात कही।
काफी मानमनौवल के बाद इस काम को 10 हजार रुपए में करने के लिए सत्येंद्र बघेल तैयार हो गया। इस बात की जानकारी अजय यादव ने एंटी करप्शन की टीम को दे दी और बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी की जमीन की पैमाइश करवाने के लिए सदर तहसील में प्रार्थना पत्र दिया था। इसके एवज में लेखपाल सत्येंद्र बघेल ने 10 हजार रुपए की मांग की है।
पीड़ित की तरफ से जानकारी दिए जाने के बाद एंटी करप्शन की टीम ने जाल बिछाया और देहात कोतवाली क्षेत्र के विंध्यवासिनी कॉलोनी के पास से आरोपी लेखपाल को और उसके सहयोगी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन की टीम दोनों को लेकर देहात कोतवाली पहुंची और दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
एंटी करप्शन टीम के मंडल प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि पीड़ित ने बताया कि बार-बार अजय जमीन की पैमाइश के लिए लेखपाल से मिन्नतें कर रहा था, लेकिन लेखपाल बिना पैसे लिए काम करने को तैयार नहीं हुआ। मामले की गंभीरता को समझते हुए टीम ने जाल बिछाया और लेखपाल सत्येंद्र बघेल व उसके एक और सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके आगे की कार्रवाई की जा रही है।
एंटी करप्शन की टीम ने बताया कि शासन की तरफ से स्पष्ट निर्देश है की रिश्वत लेने वाले आरोपी को किसी भी हाल में बक्शा ना जाए। इसी के तहत जिले भर में कार्रवाई की जा रही है। सदर तहसील के लेखपाल को पकड़े जाने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल गर्म है। वहीं, राजस्व विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है।