18 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मिर्जापुर का मर्चेंट नेवी का अफसर अमेरिका में लापता, हिरासत में लिए जाने की खबर, परिवार लग रहा दूतावास के चक्कर

मिर्जापुर के चौहान पट्टी गांव के रहने वाले मर्चेंट नेवी के सेकंड अफसर मनीष द्विवेदी के अमेरिका में हिरासत में लिए जाने की खबर परिवार जनों को मिली है। इसके बाद परिवार और गांव में चिंता का माहौल है...

2 min read
Google source verification
Manish dwivedi case mirzapur

परिवार चिंतित

मिर्जापुर: पड़री थाना क्षेत्र के चौहान पट्टी गांव के रहने वाले मर्चेंट नेवी के सेकंड अफसर मनीष द्विवेदी के अमेरिका में हिरासत में लिए जाने की खबर परिवार जनों को मिली है। इसके बाद परिवार और गांव में चिंता का माहौल है। बताया जा रहा है कि शिपिंग कंपनी की ओर से भेजे गए एक पत्र के जरिए इस मामले की जानकारी परिवार को मिली। हालांकि, परिजन इस सूचना को पूरी तरह से गलत बता रहे हैं और उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि उनका बेटा हिरासत में लिया गया है। इसके साथ ही परिजनों को भारतीय दूतावास या अमेरिकी प्रशासन द्वारा कोई जानकारी भी नहीं दी गई है।

शिपिंग कंपनी के वकील ने दी हिरासत में होने की जानकारी

बताया जा रहा है कि मनीष द्विवेदी एक शिपिंग कंपनी में काम करते हैं और जहाज के साथ अमेरिका गए थे। वहीं पर 6 में को वह अपने साथियों के साथ डेलावेयर राज्य स्थित कनकॉर्ड मॉल घूमने गए थे। उनके साथ गए उनके तीन साथी वापस लौट आए लेकिन मनीष वापस नहीं आए। बाद में उनके साथियों ने बताया कि अमेरिकी पुलिस ने मनीष को हिरासत में लिया है। वहीं, कंपनी के वकील जोश ने एक पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि उस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन ने मनीष को हिरासत में ले लिया है। वकील ने पत्र में दावा किया है कि मनीष के ऊपर किसी व्यक्ति के साथ अनुचित स्पर्श करने का आरोप लगाया गया है और उन्हें डेलावेयर स्टेट पुलिस की बैरक नंबर एक में रखा गया है। इस बात की जानकारी होने के बाद परिवार चिंतित है और परिवार के सामने असमंजस्य की स्थिति बनी हुई है।

परिजनों ने शिपिंग कंपनी से साधा संपर्क

मामले की जानकारी होने के बाद मनीष के पिता संतोष द्विवेदी ने भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय से संपर्क किया है। उन्होंने बताया है कि उन्हें किसी भी तरह की लिखित या मौखिक जानकारी नहीं मिल पा रही है। परिवार यह जानना चाहता है कि मनीष किस हालत में है और फिलहाल किस स्थान पर है। घटना की जानकारी होने के बाद उनके दादा रविशंकर दुबे और पिता समेत कई परिजन मुंबई पहुंचे जहां अंधेरी ईस्ट स्थित वेस्टर्न क्रु मैनेजमेंट सर्विस के कार्यालय में अधिकारियों से मुलाकात की। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें कई दिनों तक गुमराह किया और किसी भी तरह की जानकारी भी उनके साथ शेयर नहीं की गई।

मनीष के दादा रविशंकर दुबे ने कंपनी की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी के पास मनीष के लापता होने या हिरासत में लिए जाने से जुड़ा कोई प्रमाण नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी के अधिकारी किसी भी तरह से लिखित रूप में जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं, जिससे कंपनी की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है।

भारत सरकार से मांगी मदद

परिजनों ने बताया है कि मनीष ने आखरी बार 7 मई को परिवार से संपर्क किया था और 8 मई से उनसे किसी भी तरह से संपर्क नहीं हो पाया है। इसके कारण परिवार तनाव में है। परिजनों ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने भारत सरकार से मांग की है कि सरकार अमेरिकी प्रशासन से जानकारी लेकर मनीष की यथा स्थिति की जानकारी परिजनों तक और उनके वापस भारत लाने की स्थिति सुनिश्चित करे।

बड़ी खबरें

View All

मिर्जापुर

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग