मिर्जापुर के मंडलीय अस्पताल में शव को चूहों द्वारा कुतरने के मामले में दो वार्ड बॉय और एक सफाई कर्मी को निलंबित किया गया है। इसके साथ ही एक डॉक्टर को भी नोटिस जारी हुआ है। वहीं, जौनपुर से एक टीम जांच करने अस्पताल पहुंची है...
मिर्जापुर: मेडिकल कॉलेज के मंडलीय अस्पताल के शवगृह में रखें युवक के शव को चूहों द्वारा कुतरने के मामले में लापरवाही बरतने पर दो वार्ड बॉय और एक स्वीपर को निलंबित किया गया है। अस्पताल प्रशासन ने इस मामले में एक डॉक्टर को भी नोटिस जारी किया है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जौनपुर से पहुंची टीम मामले की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि इस दौरान लापरवाही भी निकाल कर सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक, शहर कोतवाली के रहने वाले अभिषेक सैनी ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद उसके शव को मंडलीय अस्पताल के शवगृह में रखा गया था। आरोप है कि इस दौरान शवगृह का फ्रीजर खराब था और परिजनों से बर्फ की सिल्ली मंगाई गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनसे ₹2000 भी लिए गए थे। वहीं, सुबह देखने पर पता चला कि शव को चूहे ने कुतर दिया था। इसके बाद मृतक के परिजनों ने हंगामा किया था।
घटना की जानकारी होने के बाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य संजीव सिंह ने एक जांच कमेटी का गठन किया था, जिसकी रिपोर्ट में लापरवाही सामने निकल कर आई और इसी मामले में वार्ड बॉय वीरेंद्र कुमार और धर्मेंद्र कुमार को तथा सफाईकर्मी सूरज को निलंबित किया गया है। इसके साथ ही इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर को नोटिस जारी किया गया है।
घटना का संज्ञान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया और उनके निर्देश पर जौनपुर मेडिकल कॉलेज के प्रचार डॉ आरबी कमल जांच के लिए मिर्जापुर के मंडलीय अस्पताल पहुंचे। जांच के दौरान डॉक्टर कमल को अस्पताल में कई लापरवाही देखने को मिली। इसके बाद उन्होंने इमरजेंसी में कार्यरत डॉक्टरों को फटकार भी लगाई। इसके साथ ही मृतक के परिजन और अस्पताल के कर्मचारियों का भी बयान लिया है। उन्होंने कहा है कि पूरे मामले की रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम को इस बात की भी जानकारी हुई है कि एक नहीं बल्कि 2 शवों को चूहों ने कुतरा था। वहीं, अस्पताल परिसर में मरीज के तीमारदार ने इमरजेंसी में तैनात एक डॉक्टर का भी नाम लिया है और आरोप लगाया कि डॉक्टर अक्सर लोगों से मारपीट करते हैं। फिलहाल, जांच टीम ने अलग-अलग लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इसके साथ ही सभी की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई है। कुछ लोगों के लिखित बयान भी जांच टीम ने लिए हैं, जिन्हें शासन के समक्ष रखना है।