
मिर्जापुर. सत्ता तो राजनीतिक दलों के लिए बदलती है। बदलाव का फायदा आम आदमी के लिए हो तो समाज की तस्वीर बदल जाये। सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार में भी अधिकारियों की कार्यप्रणाली में बदलाव नहीं हो रहा है। पति व ससुर के मृत्यु प्रमाण के लिए भटक रही महिला से जब अधिकारियों ने १२ हजार सुविधा शुल्क मांगा तो सब्र का बांध टूट गया। गले में फासी का फंदा बांध कर महिला ने डीएम कार्यालय के सामने धरना दिया। अधिकारियों को इस बात की जानकारी होते ही हड़कंप मच गया । बाद में महिला की मांग पर कार्रवाई का आश्वासन देकर उसका धरना समाप्त कराया गया।
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मिर्जापुर के पडऱी थाना ग्राम चौकियां निवासी सरिता देवी के पति पतालू की पांच माह पूर्व मौत हो चुकी है। जमीन पर वरासत दर्ज कराने के लिए सरिता को पति व ससुर का मृत्यु प्रमाण पत्र की आवश्यकता है। इसके लिए उसने एसडीएम सदर के यहां पर ४ नवम्बर २०१७ को प्रार्थना पत्र दिया था इसके पर एसडीएम सदर ने पहाडी बलक के बीडीओ को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा था। इसके बाद पहाडी ब्लाक के बीडीओ ने ६ नवम्बर २०१७ को महिला के आवेदन पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश एडीओ पंचायत (पहाडी ब्लाक) को दिया। इसके बाद पत्रावली स्थानीय ग्राम पंचायत अधिकारी श्रीमती शोभा रानी के यहां पर पहुंची। सरिता का आरोप है कि पहले उसे मृत्यु प्रमाण के लिए पंचायत अधिकारी ने बहुत दौड़ाया। आरोप है कि पंचायत अधिकारी ने सरिता से १२ हजार रुपये सुविधा शुल्क की मांग की। पहले ही परिजनों के जाने के दर्द से परेशान सरिता का विश्वास टूट गया। सरिता को लगने लगा कि अब उसे मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा। इसके चलते उसने धरना देने की योजना बनायी।
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सरिता के धरना देते ही मचा हड़कंप
सरिता ने गले में फासी का फंदा बांध कर सीधे जिलाधिकारी के कार्यालय के सामने पहुंची और धरने पर बैठ गयी। इसके जानकारी मिलते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सिटी मजिस्ट्रेट देवेन्द्र सिंह ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन देकर महिला का धरना समाप्त कराया।
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अधिकारियों ने रखा अपना पक्ष
सिटी मजिस्ट्रेट देवेन्द्र पांडेय का कहना है कि बीडीओ को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दे दिया गया है। महिला की शादी को लेकर कुछ संशय है जिसके लिए गांव में खुली बैठक बुलायी जायेगी। हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द महिला की समस्या सुलझा दी जायेगी।
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