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लॉक डाउन के अनुशासन का करें सख्ती से पालन,  जनता के नाम पीएम के संबोधन की 10 ख़ास बातें

लॉक डाउन के अंतिम दिन पीएम ने जनता को संबोधित किया लॉक डाउन की अवधि बढ़ाने की सूचना देश की जनता को दी कोरोना के खिलाफ जंग में 7 बातों में साथ देने की अपील की
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Apr 14, 2020
10 important points of PM Modi’s address
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दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( pm narendra Modi ) ने मंगलवार सुबह जनता के नाम संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्रियों के सभी सुझावों को ध्यान में रखते हुए 3 मई तक लॉक डाउन ( lockdown ) बढ़ाने का फैसला किया गया है। पीएम ने कहा कि इस दौरान हमें लॉक डाउन के अनुशासन का वैसे ही पालन करनाहै, जैसे पिछले तीन हफ्ते से करते आ रहे हैं। प्रधानमंत्री के संबोधन के 10 ख़ास बिंदु ये हैं:

1. पीएम ने बल दिया कि अब कोरोना को हमें किसी भी क़ीमत पर नए क्षेत्रों में फैलने नहीं देना है। उन्होंने कहा कि एक भी नए व्यक्ति को कोरोना का संक्रमण ( corona infection ) होता है, तो यह हमारे लिए चिंता की बात होनी चाहिए।

2. अगले एक हफ्ते में कोरोना के खिलाफ लड़ाई और कठोर होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले एक सप्ताह में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कठोरता और ज्यादा बढ़ाई जाएगी। 20 अप्रैल तक हर थाने, क़स्बे और राज्य को बड़ी बारीकी से परखा जाएगा कि वहां लॉक डाउन का कितना पालन हो रहा है?

3. देश के जिन इलाक़ों में लॉक डाउन का पालन सख्ती से हुआ, वहां देखा जाएगा कि कितने लोगों का जीवन बचाया गया। जो क्षेत्र इस अग्निपरीक्षा में सफल होंगे और जो अपने यहां हॉट स्पॉट नहीं बढ़ने देंगे, वहां पर 20 अप्रैल से कुछ जरूरी गतिविधियों की अनुमति दी जा सकती है।

4. प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि लॉक डाउन में मिलने वाली कोई भी अनुमति सशर्त होगी। घर से बाहर निकलने के नियम बहुत सख्त होंगे। छूट मिलने के बाद लॉक डाउन के नियम अगर टूटते हैं, तो अनुमति वापस ले ली जाएगी। इसलिए न तो खुद लापरवाही करनी है, न किसी को लापरवाही करने देनी है।

5. प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि देश में राशन और खाने-पीने की चीजों का पर्याप्त भंडार है।आवश्यक चीजों का कहीं कोई अभाव नहीं है। इसलिए इन वस्तुओं के लिए किसी को परेशान होनेकी जरूरत नहीं है।

6. पीएम ने कहा कि हेल्ड इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर भी देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहाकि देश में कोरोना के खिलाफ हेल्थ इन्फ्रास्ट्रचर पहले से काफ़ी बेहतर किया गया है। पहले केवल एक लैब थी, जबकि अब संक्रमण की जांच करने के लिए 220 से ज्यादा लैब हैं।पीएम ने कहा कि कोरोना के 10 हजार मरीज होने पर अस्पतालों में 15-16 सौ बेड की जरूरत पड़ेगी, लेकिन हम भारत में एक लाख से ज्यादा बेड की व्यवस्था कर चुके हैं।

7. कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में पीएम ने देशवासियों का साथ मांगा। उन्होंने कहा कि सात ख़ासबातों में देश की जनता ने सहयोग किया, तो हालात सुधरेंगे। प्रधानमंत्री ने कहां कि देशवासियों काइन सात बिंदुओं में साथ देना इसलिए जरूरी है, क्योंकि कोरोना पर नियंत्रण करने में इनकी भूमिका बेहद अहम है।

8. प्रधानमंत्री ने कहा बुजुर्गों और बीमारों को कोरोना से बचाएं, क्योंकि जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमताकमजोर होती है, वे संक्रमण का शिकार जल्दी होते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी देशवासी अपने मोबाइल में आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप को ज़रूर डाउनलोडकरें।

9. प्रधानमंत्री के जनता के नाम संबोधन में एक ख़ास बात यह भी थी कि उन्होंने ग़रीब और सुविधाविहीन लोगों की मदद करने की अपील भी देश के लोगों से की। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के पासभोजन नहीं है, उन्हें भोजन दें।

10. इसके अलावा प्रधानमंत्री ने देश की जनता से अपील की कि वे कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले योद्धाओं का सम्मान करें। इन योद्धाओं में पीएम ने डाक्टरों, नर्सों, सफ़ाई कर्मियों और पुलिसकर्मियों का उदाहरण दिया, जो जानलेवा वायरस के संक्रमण के ख़तरे के बावजूद घर से बाहर निकलकर अपनी ज़िम्मेदारी को पूरा करते हैं।

Published on:
14 Apr 2020 01:37 pm