अमरीकी मेजर जनरल जेफरी मिलर ने तैयार की थी गोपनीय दस्‍तावेज पाकिस्‍तानी नागरिक रहमान ने लिया था बालाकोट में प्रशिक्षण रहमान अपनी इच्‍छा से बना था जिहादी
नई दिल्ली। भले ही भारतीय वायुसेना के एयर स्ट्राइक के बाद बालाकोट स्थित जैश ए मोहम्मद का कमांड सेंटर चर्चा में आया लेकिन विकिलीक्स ने इस बात का खुलासा 15 साल पहले कर दिया था। उस समय इस बात का पता नहीं चला था कि बालाकोट सेंटर जैश का कंट्रोल रूम है और वह भारत सहित दुनिया भर में आतंकी गतिविधियों को वहीं से अंजाम देता है। अब विकिलीक्स की ओर से लीक की गई अमरीकी रक्षा विभाग की गोपनीय फाइल से भारत के दावे को बल मिला है।
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विकिलीक्स की सिक्रेट फाइल में क्या है
विकिलीक्स ने अपने गुप्त दस्तोवज में ग्वांतानामो बे में बंदी बनाकर रखे गए पाकिस्तानी नागरिक हाफिज के रहमान का जिक्र किया था। विकिलीक्स के दस्तावेज में बताया गया है कि पाकिस्तान के गुर्जर में पैदा हुआ 20 वर्षीय रहमान जिहादी बन गया था। 31 जनवरी, 2004 के इस दस्तावेज जिस पर अमरीकी थलसेना के मेजर जनरल जेफरी मिलर के दस्तखत थे। उक्त दस्तावेज में कहा गया था कि रहमान ने पाकिस्तान के बालाकोट में प्रशिक्षण प्राप्त किया था। बालाकोट एक प्रशिक्षण शिविर के ठिकाने के तौर पर जाना जाता है जहां विस्फोटकों व आर्टिलरी पर बुनियादी और अत्याधुनिक आतंकवादी प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
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रहमान ने कबूली थी बालाकोट में प्रशिक्षण की बात
विकिलीक्स के दस्तावेज के मुताबिक रहमान ने 11 सितंबर, 2001 को अमरीका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन पर हुए आतंकवादी हमले के बाद अमरीका व इसके सहयोगी देशों के खिलाफ जिहाद का फैसला अपनी मर्जी से किया था। उसने जैश-ए-मोहम्मद से प्रशिक्षण लेने की बात भी कबूली थी।