जीएसटी लागू करने के बाद लगातार आलोचना झेल रही केंद्र सरकार अब छोटो व्यापारियों को बड़ा दिवाली गिफ्ट दे सकती है।
नई दिल्ली। जीएसटी लागू करने के बाद लगातार आलोचना झेल रही केंद्र सरकार अब छोटो व्यापारियों को बड़ा दिवाली गिफ्ट दे सकती है। शुक्रवार को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में छोटे और मझोले उद्योगों को राहत देते हुए जीएसटी जीएसटी फाइल करने से आजादी और 'वर्चुअल करेंसी' के जरिए कर के इलेक्ट्रॉनिक भुगतान का ऐलान किया जा सकता है। इसे लेकर पीएम मोदी ने भी पिछले दिनों संकेत दिए थे।
आज होने वाली 22वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में इन बिन्दुओं पर सरकार बड़ा ऐलान कर सकती है।
- 1.5 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले कारोबारियों को तिमाही रिटर्न की अनुमति दी जा सकती है।
- छोटे व्यापारियों को राहत देते हुए छूट स्लैब को 75 लाख से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपए की जा सकती है।
- पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में शामिल करने पर बड़ा फैसला हो सकता है।
- राज्य के लिए भी 75 लाख की सीमा को बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये किया जा सकता है।
- कुछ आनिवार्य वस्तुओं की कर श्रेणी में बदलाव।
- छोटे कारोबारी बिना तीन स्तरीय फाइलिंग प्रक्रिया के रिटर्न भर सकेंगे।
गुरुवार को मोदी-शाह और जेटली की बैठक
गुरुवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात भी की। इस मुलाकात के लिए शाह ने केरल में अपनी महत्वपूर्ण पदयात्रा को बीच में छोड़ दी।
पीएम ने GST में बदलाव के किए थे संकेत
बुधवार को ICSI की गोल्डन जुबली पर पीएम मोदी ने जीएसटी में बड़े बदलाव के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि जीएसटी से होने वाली परेशानियों को सरकार समझती है। छोटे व्यापारियों को होने वाली परेशानियों को जल्द ही दूर करने की कोशिश होगी।
राजस्व सचिव भी छोटे व्यापरियों के पक्ष में
रविवार को ही राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने एक अंग्रेजी अखबार को बताया था कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में छोटे कारोबारियों और निर्यातकों को राहत दिए जाने के संकेत दिए थे।
संघ प्रमुख ने दी सलाह
दशहरे के अपने संबोधन में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी सरकार को छोटे कारोबारियों और किसानों के हितों का ख्याल रखने की सलाह दी थी।