नक्सलियों के अत्याचार और ‘खोखली’ माओवादी विचारधारा से निराश होकर इन सभी ने आत्मसमर्पण किया है इनमें से तीन नक्सलियों पर इनामभी रखा गया था
छत्तीसगढ़: दंतेवाड़ा में 24 नक्सलियों के आत्मसमर्पण की खबर सामने आई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार नक्सलियों के शोषण और अत्याचार से तंग आकर इन सभी नक्सलियों ने मंगलवार को दंतेवाड़ा में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में आत्मसमर्पण किया है । इसके अलावा ये सभी ‘खोखली’ माओवादी विचारधारा से भी निराश थे।
दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने बताया कि कुल 24 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें से 12 महिला थी। ये सभी नक्सली दक्षिण बस्तर क्षेत्र में सक्रिय थे और इन्होंने मंगलवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुलिस के सामने समर्पण कर दिया।
पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘समर्पण करने वाले सभी नक्सलियों द्वारा बनाई कई माओवादी विचारधारा से निराश होकर आत्मसमर्पण कर करने का फैसला लिया। इसके अलावा ये सभी जिला पुलिस की ओर से चलाए जा रहे ‘पुनर्वास अभियान’ से भी प्रभावित थे।’
अभिषेक पल्लव के अनुसार समर्पण करने वालों में , चिकपाल स्कूलपाड़ा दंडकारण्य आदिवासी किसान मजदूर संगठन के प्रमुख बामन डेंगा सोढ़ी (40), कमली मड़कम (32), आयतु मुचाकी (31) के सिर पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था।
बता दें समर्पण करने वाले सभी 21 नक्सली निचले काडर के थे। इन सभी को सरकार की तरफ से दस-दस हजार रुपए की तात्कालिक मदद भी दी गई है। इसके अलावा सरकार की समर्पण और पुनर्वास नीति के तहत अन्य सुविधाएं भी दी मिलेगी।