Highlight - कापसहेड़ा ( kapashera ) इलाके की इस बिल्डिंग में 67 लोगों का कोरोना ( Coronavirus ) टेस्ट कराया गया था - इस बिल्डिंग को 18 अप्रैल को सील कर दिया गया था
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस ( coronavirus ) का एक बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शनिवार को कापसहेड़ा ( Kapas Hera ) इलाके में एक ही बिल्डिंग के 41 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिवि आई है। हैरानी वाली बात ये है कि ये इलाका पहले से कंटेनमेंट जोन ( containment zone ) में है। इसके अलावा दिल्ली के सभी जिले रेड जोन ( Red Zone ) में हैं।
67 लोगों का हुआ था कोरोना टेस्ट
जानकारी के मुताबिक, कापसहेड़ा इलाके में यह बिल्डिंग जिला कलेक्टर के कार्यालय के पास ठेके वाली गली में स्थित थी। 18 अप्रैल को इस बिल्डिंग में एक व्यक्ति को कोरोना पॉजिटिव पाया गया था, जिसके बाद इस बिल्डिंग को सील कर दिया गया था। साथ ही बिल्डिंग के 67 लोगों के सैंपल लिए गए थे। फिलहाल 41 लोगों की रिपोर्ट आई है, जो कि पॉजिटिव मिली है। बाकी लोगों की रिपोर्ट का अभी इंतजार है।
इस इलाके में 175 लोगों का हो चुका है कोरोना टेस्ट
जानकारी के मुताबिक, बिल्डिंग में रहने वाले एक शख्स को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। बाद में जांच करने पर 18 अप्रैल को उसे कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद ही बाकी लोगों के टेस्ट कराये गए। प्रशासन ने पहले केस के बाद पूरे इलाके से 175 लोगों का टेस्ट कराया था। इनमें से 67 की रिपोर्ट शनिवार को आई, जिनमें 41 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव है।
पहले केस के बाद ही सील कर दी गयी थी बिल्डिंग
डीएम कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस इलाके को 19 अप्रैल से सील कर दिया गया था। बयान में कहा गया,'इस बिल्डिंग में भारी संख्या में लोग रहते हैं। इसके मद्देनजर प्रशासन ने एहतियात के तौर पर एक केस के बाद ही बिल्डिंग सील कर दी थी।' बता दें कि, गाइडलाइंस के मुताबिक कम से कम तीन केस मिकने के बाद किसी इलाके को सील किए जाने का प्रावधान है।
बाकी लोगों के रिपोर्ट का इंतजार
अधिकारी ने बताया कि सभी के सैंपल नोएडा के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बॉयोलोजिकल (NIB) में भेजा गया था। इनमें से 67 की ही रिपोर्ट शनिवार की आई है। बिल्डिंग के बाकी लोगों के रिपोर्ट का अभी भी इंतजार है। आपको बता दें कि, दिल्ली कोरोना से सबसे प्रभावित होने वाले राज्यों में तीसरे नंबर पर है। शुक्रवार तक राज्य में 3,738 मामलों की पुष्टि हुई थी। इसके साथ ही, इस जानलेवा वायरस से 61 लोगों की जान जा चुकी है।