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Big News: देश के इस राज्य में अब प्राइवेट नौकरियों में 75% आरक्षण, पढ़िए यह रिपोर्ट

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे हरियाणा से बड़ी खबर सामने आई है यहां प्राइवेट नौकरियों में आरक्षण संबंधी मिल को मंजूरी मिल गई है
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Updated: 2 Mar 2021, 7:59 PM IST
Big News: देश के इस राज्य में अब प्राइवेट नौकरियों में 75%  आरक्षण, पढ़िए यह रिपोर्ट
Big News: देश के इस राज्य में अब प्राइवेट नौकरियों में 75% आरक्षण, पढ़िए यह रिपोर्ट

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे हरियाणा ( Haryana ) से बड़ी खबर सामने आई है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यहां प्राइवेट नौकरियों में आरक्षण ( reservation in private jobs ) संबंधी मिल को मंजूरी मिल गई है। अब प्राइवेट नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण मिल सकेगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ( Haryana Chief Minister Manohar Lal Khattar ) ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ( Governor Satyadev Narayan Arya ) ने आरक्षण संबंधी बिल को मंजूरी दे दी है। आपको बता दें कि हरियाणा में लंबे समय से प्राइवेट नौकरियों में आरक्षण देने की मांग चल रही थी।

पचास हजार रुपए प्रति माह वेतन तक की नौकरियों पर लागू

जानकारी के अनुसार आरक्षण की यह व्यवस्था पचास हजार रुपए प्रति माह वेतन तक की नौकरियों पर लागू होगी। कानून में इतने सख्त प्रावधान किए गए हैं कि अगर किसी कंपनी ने आरक्षण की इस व्यवस्था का नहीं माना तो उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। यह कानून राज्य की सभी प्राइवेट कंपनियों, फर्मों व ट्रस्ट पर लागू माना जाएगा। दरअसल, इस कानून के दायरे में ऐसे प्राइवेट संस्थानों को रखा गया है, जहां 10 से अधिक लोग काम करते हैं। इसके साथ ही सभी निजी कंपनियों को सरकार को यह भी जानकारी देनी होगी कि उनके यहां कितने लोग काम करते हैं और पचास हजार रुपए या उससे अधिक वेतन वाले कितने पद हैं। माना जा रहा है कि इस कानून का सीधा फायदा हरियाणा के स्थानीय निवासियों को मिलेगा।

अब कंपनियां नई भर्ती नहीं कर सकेंगी

बताया जा रहा है कि नए कानून के तहत सरकार को मौजूदा जानकारी देने तक अब कंपनियां नई भर्ती नहीं कर सकेंगी। हालांकि अगर कंपनियों को अनुभवी कर्मचारियों की भर्ती में परेशान का सामना करना पड़ता है तो आरक्षण में छूट का भी प्रावधान रखा गया है। इसके लिए जिला उपायुक्त की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। कंपनियों ने यह कानून लागू किया या नहीं किया इसके लिए उपजिलाधिकारी या उससे बड़े अधिकारी कंपनियों की जांच करेंगे। कानून में आरक्षण व्यवस्था को अगले तक सालों तक के लिए लागू किया गया है।

Updated on:
2 Mar 2021, 7:59 PM IST
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