दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में लिए एक फैसले में दिल्ली सरकार ने जीटीबी अस्पताल में 80 फीसदी बेड स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित कर दिए हैं।
दिल्ली सरकार ने गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में 80 फीसदी बेड स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित कर दिए हैं। आपातकालीन और ओपीडी सेवा सभी के लिए उपलब्ध होगी। हालांकि ओपीडी की पर्ची बनवाने के लिए कुल 17 में से 13 काउंटर स्थानीय लोगों के लिए होंगे।
दिल्ली के सीएम की अध्यक्षता में हुआ फैसला
दिल्ली सरकार ने पिछले दिनों यह घोषणा की थी कि कि राज्य सरकार के तहत आने वाले अस्पतालों में अस्सी फीसदी बिस्तर स्थानीय निवासियों के लिए रिजर्व किए जाएंगे। शुरुआत के तौर पर पूर्वी दिल्ली के इस अस्पताल में इस फैसले को लागू किया जा रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन भी मौजूद थे।
दिल्ली वालों को मिलेगी सुविधा
इस अस्पताल में मरीजों के पंजीकरण के लिए फिलहाल 17 काउंटर हैं। सरकार के ऐलान के बाद इनमें से 13 कांउटर पर केवल दिल्ली की जनता के लिए उपलब्ध होंगे। अस्पताल के पैथ लैब में जांच और मुफ्त दवा की सुविधा दिल्ली के नागरिकों के अलावा देशभर के बीपीएल कार्ड धारकों के लिए उपलब्ध होगी। 18 वर्ष से कम उम्र के मरीजों को पिता का वोटर कार्ड दिखाना होगा। यह नियम 15 सितंबर से शुरू होगा।
अस्पताल में लगाए जाएंगे नए बोर्ड
बैठक में केजरीवाल ने अधिकारियों को इस बात की नसीहत दी है कि इन सभी सुविधाओं के लिए अस्पताल प्रशासन को इसकी जानकारी आम लोगों को देने के लिए तुरंत अस्पताल परिसर में बोर्ड लगाने कहा गया है, जिससे कि मरीजों और उनके परिजनों को यह जानकारी मिल सके। अस्पताल के आपातकालीन विभाग में दिल्ली व बाहर के मरीजों को समान सुविधा मिल सकेगी। पंजीकरण कार्ड के रंग दिल्लीवासियों के लिए अलग और दिल्ली से बाहर वालों के लिए अलग रंग के होंगे। इसकी वजह यह है कि रंग के आधार पर बाहर के मरीजों को चिन्हित किया जा सके।