
नई दिल्ली। सदी के महानायक और बॉलीवुड ( Bollywood ) के सुपस्टार अमिताभ बच्चन ( Amitabh Bachchan ) 23 दिन अस्पताल में कोरोना से जंग जीतन के बाद रविवार को डिस्चार्ज हो गए। उनकी अस्पताल से छुट्टी पर जहां पूरा देश और दुनिया में उनके प्रशंसकों और समर्थकों में खुशी का माहौल वहीं कुछ ऐसे भी फैन ( Fan ) हैं जिन्होंने अमिताभ बच्चन पर गंभीर आरोप लगा डाले हैं। हालांकि बिग बी अपने अनुभव और अंदाज के लिए ही जाने जाते हैं। वे सोशल मीडिया ( Social Media ) पर भी एक्टिव रहते हैं। लिहाजा जहां तक हो पाता है वे इस तरह के आरोपों को अपने अंदाज में जवाब भी देते हैं।
एक बार फिर बिग बी ने अपने ऊपर फैंस ( Amitabh Fans ) की ओर से लगाए आरोपों का बखूबी जवाब दिया। दरअसल एक प्रशंसक ने अमिताभ बच्चन पर नानावटी अस्पताल ( Nanavati Hospital ) का विज्ञापन ( Advertisement ) करने का आरोप लगाया है। प्रशंसक के इस गंभीर आरोप का बिग बी ने कुछ इस तरह जवाब दिया है...
कोरोना से जंग जीतकर घर लौटे अमिताभ बच्चन के एक प्रशंसक ने उनकी आलोचना की है। साथ ही बिग बी पर नानावटी अस्पताल के विज्ञापन करने का आरोप भी लगाया है। आपको बता दें कि अमिताभ बच्चन तीन सप्ताह से इसी अस्पताल में भर्ती थे और स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे।
ये है प्रशंसक का आरोप
अमिताभ के एक प्रशंसक ने बच्चन के फेसबुक पोस्ट में से एक के टिप्पणी के कुछ अंश के साझा करते हुए आरोप लगाया कि नानावटी ने मेरे 80 वर्षीय पिता का गलत तरीके से कोविड-19 परीक्षण पॉजिटिव बता दिया। इसकी वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा जहां उनकी ठीक से देखभाल नहीं की गई और उन्हें बिस्तर के घावों जैसे समस्या का सामना करना पड़ा।
प्रशंसक ने अमिताभ पर आरोप लगाया कि आप ऐसे अस्पताल के लिए विज्ञापन कर रहे हैं जिनका काम सिर्फ कमाई करना है ना कि मरीजों की सही देखभाल। क्षमा करें लेकिन आपके लिए पूरी तरह से सम्मान खो दिया है।"
बिग बी ऐसे दिया जवाब
प्रशंसक के आरोपों पर बिग भी ने अपने अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा- "जान्हवी जी .. मुझे आपके प्यारे और सम्मानित पिता के बारे में जानने के लिए वास्तव में खेद है। उन्हें इस तरह की विकसित समस्याओं का सामना करना पड़ा।
मैं युवा अवस्था से ही अस्पतालों में रहा हूं लेकिन मुझे अब तक कहीं भी इस तरह की चिकित्सा पेशे में आचार संहिता उल्लंघन का सामना नहीं करना पड़ा। मैंने देखा है कि डॉक्टर, विशेषज्ञ, नर्स प्रबंधन सभी रोगी की देखभाल में पूरी तरह से समर्पित रहते हैं।
यही नहीं बिग बी ने कहा कि - "हां लैब परीक्षण गलत हो सकते हैं, लेकिन कई अन्य परीक्षण और शर्तें हैं जिनसे मूल्यांकन किसी विशेष बीमारी से बना है। मेरे सीमित अनुभव के किसी भी अस्पताल या डॉक्टर ने कभी भी किसी व्यावसायिक लाभ के लिए आचार संहिता का पालन नहीं किया है या जानबूझकर प्रतिकूल उपचार किया है।
मैं अस्पताल का विज्ञापन नहीं कर रहा
आपकी इस बात से मैं विनम्रतापूर्वक असहमत हूं। अमिताभ ने कहा कि- नहीं .. मैंने अस्पताल के लिए विज्ञापन नहीं किया , मैं सिर्फ नानावती से मिलने वाली देखभाल और उपचार के लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं और मैंने इसे हर अस्पताल के लिए किया है और इसे आगे भी जारी रखूंगा।
बिग बी बोले- एक आखिरी बात...
बिग बी ने कहा कि- आपने मेरे लिए सम्मान खो दिया है, लेकिन मैं आपको बता दूं कि जान्हवी जी, मैं अपने देश के चिकित्सा पेशे और डॉक्टरों के लिए सम्मान कभी नहीं खोऊंगा। साथ ही एक आखिरी बात .. MY RESPECT AND RESPECTABILITY ( मेरा सम्मान और आदर योग्यता )आपके द्वारा तय नहीं किया जा सकता।
आपको बता दें कि अमिताभ को आइसोलेशन वार्ड में 23 दिन बिताने के बाद रविवार को नानावती अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालांकि उनके बेटे अभिषेक बच्चन का अभी भी उसी अस्पताल में कोविद -19 का इलाज चल रहा है।