UGC ने जुलाई में होने वाली परीक्षाएं आगे बढ़ाकर सितंबर में कराने के निर्देश दिए हैं। Central Government यूजीसी की ओर से 29 अप्रैल को जारी दिशा निर्देशों पर अमल के लिए कह सकती है।
नई दिल्ली। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ( CM Arvind Kejriwal ) और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आदित्य ठाकरे के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ( Punjab CM Amrinder Singh ) ने पीएम नरेन्द्र मोदी ( PM Narendra Modi ) को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि यूजीसी ( UGC ) के निर्देश की गंभीरता से समीक्षा की जाए। ताकि केंद्रीय संस्थानों और राज्य सरकारों के बीच यूनिवर्सिटी अंतिम वर्ष के छात्रों ( University Last Year Student ) के एग्जाम को लेकर टकराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
पंजाब के सीएम ने अपने खत ( Letter ) में बताया है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ( UGC ) ने सितंबर के अंत तक कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में अंतिम वर्ष की परीक्षाएं कराना अनिवार्य घोषित कर दिया है। यूजीसी ने 6 जुलाई को घोषणा की थी कि विश्वविद्यालयों में अंतिम वर्ष की परीक्षाएं सितंबर के अंत तक आयोजित कराई जाएं।
अमरिंदर सिंह ( Amrinder Singh ) ने कहा सिंह ने मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि यूजीसी से 29 अप्रैल, 2020 के दिशानिर्देशों को ही लागू करने के लिए कहा जा सकता है, जिसमें इसने स्पष्ट रूप से कहा था कि दिशानिर्देश ( Guideline ) केवल परामर्श हैं और कोविद-19 ( Covid-19 ) महामारी को देखते हुए हर राज्य विश्वविद्यालय ( State Universities ) अपनी योजना तैयार कर सकते हैं।
उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया है कि राज्य सरकारें का विरोध केवल इसलिए है कि कोरोना को लेकर जो स्थिति में उसमें छात्रों को परीक्षा देने के बाध्य करना नुकसानदेह साबित हो सकता है। इस बिंदु पर यूजीसी ( UGC ) को भी विचार करने की जरूरत है।
पंजाब सरकार ( Punjab Government ) ने केंद्र से 3 जुलाई के निर्णय का पालन करने की अनुमति मांगी है जिसमें कोरोना वायरस ( Coronavirus ) के बढ़ते मामलों को देखते हुए विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया गया था।