नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आय घोषणा योजना, 2016 के तहत घरेलू कालेधन का खुलासा करने की अपील करते हुए कहा कि जो लोग 30 सितंबर तक इस स्कीम को एक अवसर के रूप में लेकर अघोषित आय का खुलासा नहीं करेंगे वे आगे चैन से नहीं सो पाएंगे। मोदी ने ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी ट्रेड फेडरेशन द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में आभूषण कारोबारियो से भी कालेधन का खुलासा करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार की इस योजना को सफल बनाने में वे महती भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हर आभूषण कारोबारी अपने ग्राहकों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। उन्होंने कालेधन वालों से इससे मुक्ति पा लेने का आह्वान करते हुए कहा कि चैन से सोने से बड़ा जीवन का सुख क्या है। सरकार से क्यों डरें। जिनके पास अघोषित आय है उसे 30 सितंबर से पहले घोषित कर दें क्योंकि उसकी सरकार उसके बाद किसी की नींद हराम नहीं करना चाहती है। लेकिन, जो लोग इस अवसर का लाभ नहीं उठाएंगे वे 30 सितंबर के बाद चैन से नहीं सो पाएंगे।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने पिछले साल यह योजना शुरू की थी। इसके तहत घरेलू अघोषित आय का खुलासा किया जा सकता है और कर के साथ जुर्माना भर पाकसाफ हुआ जा सकता है। इसके तहत 45 प्रतिशत जुर्माना लगाएं जाने का प्रावधान है।
वैश्विक बाजार पर फोकस करें आभूषण कारोबारी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के रत्न एवं आभूषण उद्योग को हरसंभव मदद की घोषणा करते हुये आज कहा कि आभूषण कारोबारियों को घरेलू बाजार की सीमित विचारधारा से बाहर निकलकर वैश्विक बाजार पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए और इसे विश्व में दबदबा बनाने की चुनौती के रूप में स्वीकार करना चाहिए। श्री मोदी ने यहाँ आल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी ट्रेड फेडरेशन द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में कहा कि घरेलू बाजार इतना बड़ा है कि कारोबारी वैश्विक बाजार के बारे में सोचते ही नहीं।
125 करोड़ की आबादी में हर वर्ष यदि दो करोड़ शादियां भी होंगी तो कारोबारियों का कारोबार अच्छा रहेगा। लेकिन, अब दुनिया बदल रही है। इस क्षेत्र के कारोबारियों को वैश्विक बाजार के बारे में सोचना चाहिए। पूरी दुनिया में हस्तनिर्मित आभूषणों के कद्रदान हैं। इनकी मांग भी अधिक है। नवाचार एवं नई प्रौद्योगिकी के बल पर भारतीय कारोबारी वैश्विक बाजार से मिल रही चुनौतियों का सामना कर सकते हैं और इस क्षेत्र में भारत को अग्रणी बना सकते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत के पास स्वर्ण क्षेत्र में हजारों वर्ष की विरासत है। कारोबारियों को गुणवत्ता के साथ टिकाऊ उत्पाद बनाने चाहिए ताकि कोई भी सिर्फ मेक इन इंडिया देखकर ही उसे खरीद सके। उन्होंने कहा कि दुनिया के आभूषण बाजार की तुलना में हम बहुत पीछे हैं। विश्व में इसकी बहुत मांग है, लेकिन हम उसे पूरा नहीं कर पा रहे। मोदी ने कहा कि इस क्षेत्र में गुरू-शिष्य की परंपरा रही है। एक पीढ़ी दूसरी पीढ़ी को इसे अग्रसारित करती रही है। इससे जहां कुछ लाभ हुआ है, वहीं नुकसान भी हुआ है। हम नए उत्पाद और नवाचार पर गौर नहीं कर पाए हैं। इस क्षेत्र में मानव संसाधन का विकास और प्रौद्योगिकी का उन्नयन जरूरी है। इसके लिए स्किल इंडिया का लाभ उठाया जा सकता है क्योंकि इस क्षेत्र को दक्ष श्रमिकों की जरूरत है और इसमें रोजगार की अपार संभावना भी है।