
नई दिल्ली। वास्तविक नियंत्रण रेखा ( LAC ) पर पूर्वी लद्दाख स्थित गलवान घाटी ( Galwan Valley ) में हिंसक झड़प में जिस 16 बिहार रेजिमेंट ( 16 Bihar Regiment ) के जवान शहीद हुए थे अब वह शहीद कर्नल संतोष बाबू के गृहनगर हैदराबाद लौट रही है। सेना के स़ूत्रों से मिली से जानकारी के मुताबिक 16 बिहार रेजीमेंट ने लद्दाख में अपने ढाई साल पूरे कर लिए हैं। बिहार रेजिमेंट को पहले ही शिफ्ट होना था, लेकिन कोरोना वायरस ( Coronavirus ) की वजह से शिफ्टिंग को कुछ समय के लिए टाल दिया गया था।
दरअसल, 16 बिहार की बटालियन को तेलंगाना स्थित हैदराबाद भेजा जा रहा है। हैदराबाद शहीद कर्नल संतोष बाबू ( Shaheed Colonel Santosh Babu ) का गृहनगर भी है। अब गलवान में 16 बिहार रेजिमेंट की जगह (16 Bihar Regiment ) की एक अन्य बटालियन को तैनात किया जा रहा है।
एक अन्य अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक 16 बिहार रेजिमेंट के सैनिकों और गालवान घाटी झड़प में शामिल अन्य यूनिट्स ने सम्मानजनक रूप से लड़ाई लड़ी और बाधाओं को पार किया। 16 बिहार रेजिमेंट को शांति स्थान पर भेजा जा रहा है।
मीडिय रिपोट्र्स के मुताबिक 16 बिहार रेजिमेंट ने मार्च-अप्रैल में पूर्वी लद्दाख में अपना ढाई साल का कार्यकाल पूरा कर लिया था, लेकिन कोरोना वायरस लॉकडाउन ( Lockdown ) के कारण उनके मूवमेंट में देरी हुई। पूर्व सेना उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल एएस लांबा (रिटायर्ट) ने कहा कि अभूतपूर्व स्थिति में 16 बिहार रेजिमेंट द्वारा प्रदर्शित वीरता भारत के सैन्य इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखी जाएगी। बटालियन की कार्रवाई भारत की विशाल सीमाओं पर ड्यूटी करने वालों को प्रेरित करेगी।
बता दें गलवान हिंसक झड़प में शहीद हुए 20 जवानों में हैदराबाद निवासी कर्नल संतोष बाबू भी थे जो गलवान में पेट्रोलिंग प्वाइंट-14 (PP-14 ) पर हुई हिंसक झड़प में मारे गए थे। 16 बिहार रेजिमेंट के अलावा 3 पंजाब, 3 मीडियम रेजिमेंट और 81 फील्ड रेजिमेंट के सैनिक भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में शहीद हुए थे।