
नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ एयरसेल-मैक्सिस मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की धीमी जांच पर नाराजगी जताई है। अदालत ने दोनों जांच एजेंसियों को फटकार लगाते हुए कहा कि जांच का मामला अनावश्यक रूप से सुस्त है। इसके बाद अदालत ने इस मुद्दे पर आगे की सुनवाई रोक दी। अब इस मामले में आगामी सुनवाई 1 फरवरी को होगी। अदालत ने सीबीआई और ईडी की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन की ओर से और समय देने की मांग को स्वीकार कर लिया।
सिंगापुर ने उठाए सवाल
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने अदालत को बताया कि दो एलआर में से एक सिंगापुर और दूसरा यूके में भेजे गए थे। यूके को भेजे गए एलआर में कोई प्रगति नहीं हुई है, लेकिन सिंगापुर ने ईडी द्वारा मांगी गई सहायता पर सवाल उठाए हैं। समय मिलने पर हम अदालत को संतोषजनक जवाब देने की स्थिति में होंगे। इस पर न्यायाधीश ने कहा कि नाराजगी जताते हुए जांच की गति को सुस्त करार दिया।