Airlines Industry : लाॅकडाउन के दौरान दो महीने तक बंद रही थी उड़ान सेवा मई से घरेलू उड़ानों को दोबारा शुरू करने की दी गई थी मंजूरी
नई दिल्ली। कोरोना काल के चलते रेल की पटरियों से लेकर हवाई सफर तक, सभी चीजों पर ब्रेक लग गया था। मगर बाद में घरेलू उड़ानों को चालू करने की दोबारा अनुमति दी गई थी। हालात के धीरे-धीरे सामान्य होने पर उड़ानों एवं पैसेंजर्स की संख्या बढ़ाने की अनुमति दी गई। जिसके सकारात्मक रिजल्ट अब दिखने लगे हैं। साल 2021 की शुरुआत के साथ ही एयरलाइंस इंडस्ट्री ने धमाकेदार वापसी की है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत के घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या में 3.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी इक्रा की रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी में डोमेस्टिक एयर ट्रैवल पैसेंजर्स की संख्या 76 लाख हो गई है। घरेलू उड़ानों में लगातार हर महीने बढ़ोत्तरी हो रही है। हालांकि इसके बावजूद सालाना आधार पर ये अभी भी 41 प्रतिशत कम है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि जनवरी में भारतीय एयरलाइंस ने लगभग 71 प्रतिशत क्षमता के साथ उड़ान भरी, जो दो महीने के मुकाबले ज्यादा है। नवंबर में एयरलाइंस की क्षमता 59 प्रतिशत और दिसंबर में ये 67 प्रतिशत तक थी।
सिर्फ 33 फीसदी क्षमता के साथ उड़ान की मिली थी मंजूरी
मालूम हो कि लॉकडाउन के दौरान दो महीने तक सभी हवाई उड़ाने सेवाओं को बंद रखा गया था। बाद में केंद्र सरकार ने 25 मई से घरेलू उड़ान सेवा शुरू करने की मंजूरी दी थी। हालांकि तब केवल33 फीसदी कैपेसिटी के साथ ही फ्लाइट्स ऑपरेट करने की छूट दी गई थी। बाद में मांग बढ़ने पर सरकार ने लगातार इसमें इजाफा किया। 26 जून को सरकार ने इसकी सीमा को बढ़ाकर जहां 45 फीसदी किया। वहीं 2 सितंबर को 60 फीसदी, नवंबर से 70 और फिर दिसंबर में 80 प्रतिशत कैपासिटी के साथ उड़ान भरने की अनुमति दी गई। हालांकि इंटरनेेशनल काॅर्मशियल फ्लाइट्स पर प्रतिबंध 28 फरवरी तक बढ़ा दी गई है।