
नई दिल्ली: सबरीमला मंदिर में सभी आयु की महिलाओं के प्रवेश पर सियासी घमासान जारी है। आज केरल के कन्नूर में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सबरीमला मंदिर विवाद को लेकर राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। अमित शाह ने केरल की सीपीएम सरकार पर सबरीमला मंदिर को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज केरल में धार्मिक आस्था और राज्य सरकार की क्रूरता के बीच संघर्ष जारी है। इस मामले में भाजपा, आरएसएस समेत अन्य संगठनों के 2,000 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। सरकार भगवान अयप्पा के श्रद्धालुओं पर अत्याचार करके केरल सरकार सबरीमला मंदिर को नष्ट करना चाहती है। लेकिन भाजपा सबरीमला मंदिर के लिए भक्तों के साथ चट्टान की तरह खड़ी थी और आगे भी रहेगी।
आदेश ऐसा हो जिसका पालन हो'
कन्नूर में सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, 'सरकार और कोर्ट को ऐसे आदेश देने चाहिए, जिनका पालन हो सके। उन्हें आदेश ऐसे नहीं देने चाहिए जो लोगों की आस्था का सम्मान न कर सकें। आर्टिकल 14 की दुहाई दी जाती है और 25 व 26 के तहत धर्म के अनुसार रहने का मुझे अधिकार है।' उन्होंने कहा, 'एक मौलिक अधिकार दूसरे को नुकसान कैसे पहुंचा सकता है। हिंदू धर्म ने कभी परंपराओं में महिलाओं के साथ अन्याय नहीं किया, बल्कि उनको देवी मानकर पूजा है।'
'परंपराएं तोड़ने का किसी को हक नहीं'
अमित शाह ने कहा, 'कोर्ट के फैसले के नाम पर जो परंपराओं को तोड़ना चाहते हैं, वह स्वीकार्य नहीं है। शाह ने कहा कि देशभर के कई मंदिर ऐसे हैं जो अलग-अलग परंपराओं से चलते हैं। भगवान अयप्पा के कई मंदिर देश में हैं जहां महिलाओं का प्रवेश वर्जित नहीं है। इस मंदिर में अयप्पा की ब्रह्मचारी मूर्ति लगी है, इसलिए ऐसा है। देश के कई मंदिर ऐसे भी हैं जहां सिर्फ महिलाएं प्रवेश कर सकती हैं, पुरुषों का प्रवेश वर्जित है।'