रेलवे के अधिकारी अब भी इस अधर में फंसे हैं कि ट्रैक के पास जिस ग्राउंड में रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित हुआ, वह जगह असल में किसकी है।
अमृतसर। दशहरे पर उत्सव को मातम में तब्दील करने वाले दर्दनाक ट्रेन हादसे के बाद विवादों की फेहरिस्त भी बढ़ती जा रही है। 60 से ज्यादा लोगों की जान लेने वाले इस कार्यक्रम को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हुए हैं। इसी बीच अभी यह भी तय नहीं हो पाया है कि जिस जमीन पर यह कार्यक्रम हुआ वह आखिर में किसकी है।
तलाश में जुटा फिरोजपुर डिविजन
स्थानीय स्तर पर रेलवे के अधिकारी अब भी इस अधर में फंसे हैं कि ट्रैक के पास जिस ग्राउंड में रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित हुआ, वह जगह असल में किसकी है। हादसे के बाद पैदा हुए इस असमंजस के बीच रेलवे के फिरोजपुर डिविजन के अधिकारी रावण दहन के कार्यक्रम स्थल को लेकर तमाम जानकारियां इकट्ठा करने में जुटे हुए हैं। रेलवे इस बात की जानकारी जुटा रहा है कि जिस स्थान पर कार्यक्रम आयोजित हुआ, क्या वह जमीन रेलवे के हिस्से में आती है?
आयोजक पर सवाल क्यों?
हादसे पर जांच रिपोर्ट आने तक किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता लेकिन प्रथमदृष्ट्या आयोजन स्थल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। दरअसल जिस जगह यह हादसा हुआ वहां रावण का पुतला दहन रेलवे ट्रैक से महज 70 से 80 फीट की दूरी पर हो रहा था। ट्रैक के इतना नजदीक रावण दहन होना, इतने लोगों का ट्रैक पर खड़े होकर कार्यक्रम देखना, ट्रैक पर जाते लोगों को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जाना... ये तमाम व्यवस्थाएं आयोजकों को सुनिश्चित करनी होती है।