अमृतसर के जोड़ा फाटक क्षेत्र में रावण दहन का कार्यक्रम रेल पटरी पर खड़े होकर देख रहे लोगों को तेज रफ्तार रेलगाड़ी ने रौंद दिया था, जिसमें लगभग 6१ लोगों की मौत हो गई थी
नई दिल्ली: पूरे देश को दहला कर रखे देने वाले अमृतसर रेल हादसे की रेलवे ने अब जाकर जांच के आदेश दिए हैं। 19 अक्टूबर को दशहरा के दिन रावण दहन के दौरान हुए उस हादसे में 61 लोगों की मौत हो गई थी। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि लखनऊ के मुख्य रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) इसकी जांच करेंगे।
अमृतसर के सांसद ने रेल मंत्री से की थी मुलाकात
रेलवे अधिकारी ने कहा कि अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला ने 23 अक्टूबर को रेल मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की थी और ऐसी जांच कराने की मांग की थी, जिसके बाद जांच के आदेश दिए गए हैं। अधिकारी ने कहा कि मंत्रालय ने औजला के आग्रह और अन्य तथ्यों, परिस्थितियों और वैधानिक प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कानून के हिसाब से, ऐसे मामलों में रेलवे सुरक्षा के मुख्य आयुक्त से जांच कराना जरूरी नहीं होता है, लेकिन यह अनुचित भी नहीं है।
हादसे के लिए जिम्मेदार नहीं रेलवे
अधिकारी ने बताया कि इससे पहले सीआरएस जांच रेलगाड़ियों के पटरी पर लोगों के ऊपर से निकलने के मामलों में होती थी। उन्होंने कहा कि अमृतसर मामले की प्राथमिक जांच में यद्यपि रेलवे जिम्मेदार नहीं लगता, लेकिन स्वतंत्र और सक्षम जांच अधिकारी द्वारा जांच के मुद्दे को रेलवे मंत्रालय को रिपोर्ट नहीं किया गया है और सीआरएस से अनुरोध किया गया है।
पंजाब सरकार पहले ही दे चुकी है जांच के आदेश
अमृतसर के जोड़ा फाटक क्षेत्र में रावण दहन का कार्यक्रम रेल पटरी पर खड़े होकर देख रहे लोगों को तेज रफ्तार रेलगाड़ी ने रौंद दिया था, जिसमें लगभग 61 लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों अन्य घायल हो गए थे। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले ही इस घटना की न्यायिक जांच के आदेश दे चुके हैं।