निचली अदालत में पुलिस नहीं पाई चार्जशीट दाखिल। अमूल्या को मजिस्ट्रेट न्यायालय ने दी जमानत। ओवैसी के मंच से अमूल्या ने लगाए थे पाक जिंदाबाद के नारे।
नई दिल्ली। बेंगलूरु में नागरिकता संशोधन बिल ( CAA) के खिलाफ आयोजित एक रैली में एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी (AIMIM Chief Asduddin Owaisi ) के मंच से पाकिस्तान जिंदाबाद ( Pakistan Jindabad ) के नारे लगाने वाली अमूल्य लियोना को मजिस्ट्रेट अदालत ने बाय डिफॉल्ट जमानत पर रिहा कर दिया। अदालत ने बेंगलूरु पुलिस द्वारा 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल करने में विफल रहने पर जमानत दी है। जबकि गुरुवार को सत्र न्यायालय ने अमूल्या को जमानत देने से इनकार कर दिया था।
इस मामले में बेंगलूरू पुलिस ( Bengaluru Police ) को 20 मई तक चार्जशीट ( Chargesheet )दाखिल करना था। लेकिन पुलिस द्वारा ऐसा करने में असमर्थता को लेकर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अमूल्य लियोना को सशर्त डिफॉल्ट जमानत दे दी। इस मामले में पुलिस की तरफ से अमूल्या के खिलाफ तीन जून को मामला दर्ज किया गया था।
लॉकडाउन ( Lockdown ) की वजह से बेंगलूरु पुलिस निचली अदालत ( Lower Court ) में चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई। दूसरी ओर चार्जशीट दाखिल करने में देरी होने पर अमूल्या के वकीलों ने सीआरपीसी की धारा 167 (2) के तहत जमानत याचिका दायर की थी। इस धारा के तहत चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर गिरफ्तार व्यक्ति के पास 60 से 90 दिनों के अंत में जमानत लेने का कानूनन अधिकार होता है।
अमूल्या के वकील और वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व राज्य लोक अभियोजक बी टी वेंकटेश ने कहा कि मुझे जमानत देने की जानकारी मिली है। अभी मुझे आदेश की प्रति नहीं मिली है।
बता दें कि अमूल्या को 20 फरवरी की शाम को बेंगलूरु फ्रीडम पार्क ( Bengaluru Freedom Park ) में एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने नागरिकता संशोधन कानून ( CAA ) के खिलाफ एक रैली में पाकिस्तान जिंदाबाद का नारे लगाने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वीडियो क्लिप में उसे पाकिस्तान जिंदाबाद के बाद भारत जिंदाबाद के नारे लगाते हुए सुना जा सकता है।
अमूल्या के दोस्तों का दावा है कि वह पाकिस्तान और भारत सहित सभी देशों के लिए जिंदाबाद का नारा लगाकर सार्वभौमिक मानवता का संदेश देने की कोशिश कर रही थी।