
नई दिल्ली। कृषि कानूनों के विरोध ( Protest Against Agriculture Laws ) में एक ओर जहां पूरे देश में घमासान मचा हुआ है, वहीं सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ( Anna Hazare ) ने बड़ा बयान दिया। अन्ना हजारे ने शुक्रवार को कहा कि वह नए कृषि कानूनों ( New Farm Laws ) के खिलाफ अनिश्चिकालीन भूख हड़ताल करने नहीं जा रहे हैं। अन्ना हजारे ने कहा कि सरकार ने उनकी कुछ मांगों को मान लिया है, जिसकी वजह से वह अब अनशन पर नहीं बैठेंगे। आपको बता दें कि इससे एक दिन पहल 84 वर्षीय अन्ना हजारे ने घोषणा की थी कि वह महाराष्ट्र स्थित अपने गांव में भूख हड़ताल पर बैठने जा रहे हैं।
किसानों की दशा सुधारने के लिए एक कमेटी का भी गठन
अन्ना हजारे से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि वह किसानों के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कृषि मंत्री नरेंद्र मोदी को पांच बार पत्र लिख चुके हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अन्ना हजारे ने कहा कि केंद्र सरकार ने उनकी कुछ मांगों मान लिया है और किसानों की दशा सुधारने के लिए एक कमेटी का भी गठन किया है। वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि यह वजह है कि उन्होंने शनिवार से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने वाले फैसले को वापस ले लिया है।
अन्ना ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा आंदोलन चलाया था
गौरतलब है कि भूख हड़ताल की घोषणा करते हुए अन्ना हजारे ने कहा था कि वह लंबे समय से कृषि क्षेत्र में सुधार की मांग कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार इस दिशा में कोई कार्रवाई करती दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा था कि सरकार में किसानों के प्रति कोई संवेदनाएं नहीं बची हैं। जिसकी वजह से मुझे 30 जनवरी से भूख हड़ताल शुरू करनी पड़ रही है। इसके साथ ही अन्ना हजारे ने कोनोना वायरस के प्रकोप के चलते अपने समर्थकों से उनके गांव न आने की अपील की। आपको बता दें कि अन्ना हजारे ने 2011 में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा आंदोलन चलाया था।
केंद्र सरकार खेती को लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, पंचायत राज तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार खेती को लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। संसद के संयुक्त अधिवेशन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण में कृषि और ग्रामीण विकास क्षेत्र की प्रगति का उल्लेख किए जाने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि सरकार ने देश के छोटे व मझौले स्तर के किसानों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है।