
नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत जम्मू कश्मीर में आतंकियों के संरक्षक बने अलगाववादियों को जमकर फटकारा है। उन्होंने कहा कि हम हर उस आम आदमी से बातचीत करने के लिए तैयार हैं जो शांति चाहता है। लेकिन अगर वे (अलगाववादी) ऐसा नहीं चाहते तो कोई बात नहीं, हम अब अलगाववादियों से कोई अपील नहीं करेंगे। उन्होंने आतंक का राह पकड़ रहे युवाओं को हथियार के साथ सरेंडर करने की सलाह भी दी है। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब में आतंकवाद को किसी भी कीमत पर जिंदा नहीं होने देने के संकल्प को भी दोहराया है।
सरकार नहीं करेगी आतंकियों से बात: जनरल रावत
पठानकोट के पास मामून मिलट्री स्टेशन पर आयोजित सेना के एक कार्यक्रम में बोलते हुए जनरल बिपिन रावत ने कहा कि जो भी देश के अमन चैन में खलल डालने की कोशिश भी करेगा तो हम उसे बख्शने वाले नहीं हैं। हमारे जवान देश में शांति बनाए रखने हर वक्त मुस्तैद हैं। हम हर किसी से बातचीत के जरिए समस्या सुलझाना चाहते हैं। लेकिन अगर अलगाववादी ऐसा नहीं चाहते हैं तो हम क्या कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने पिछले दिनों तालिबान से सरकार की बातचीत के मसले पर कहा कि सरकार आतंकियों से कोई बातचीत करने नहीं जा रही है। ऐसे कुछ भी नहीं है।
पंजाब में नहीं पनप पाएगा आतंकवाद: सेना प्रमुख
पंजाब में आतंक के खात्मे पर जनरल रावत ने कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब में आतंक फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सेना प्रमुख ने कहा कि अगर हमारी अपील के बाद भी वे लोग नहीं मानेंगे और हिंसा को बढ़ावा देते रहेंगे तो हमारे पास एक आखिरी विकल्प बचेगा कि हम उनका जड़ से खात्मा कर दें। उन्होंने कहा कि हमने इसके लिए सीएम कैप्टन अमरिंदर से भी सहयोग मांगा है।