थल सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने कहा कि पाक की ओर आतंकवादी शिविर और आतंकी ढांचे अब भी बरकरार हैं।
नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान के बीच बीते कुछ समय से सामान्य हालात बने हुए हैं। थल सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ( Manoj Mukund Naravane) ने गुरुवार को कहा है कि जम्मू-कश्मीर में करीब पांच-छह वर्षों के दौरान पहली बार मार्च में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर शांति रही। क्योंकि इस माह एक भी गोली नहीं चली। गौरतलब है कि हाल ही में दोंनों देशों ने सीजफायर पर हस्ताक्षर किए थे।
हालांकि, थल सेना प्रमुख का कहना है कि पाकिस्तान की ओर आतंकवादी शिविर और आतंकी ढांचे अब भी बरकरार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि पड़ोसी देश आतंकवाद का समर्थन करना बंद नहीं करता है तो चीजें सामान्य नहीं हो पाएंगी।
नई दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम में जनरल नरवणे ने कहा कि वह इस बारे में आशावादी थे कि संघर्ष विराम होगा क्योंकि पाकिस्तानी सेना भी इसके लिए सहमत थी। उन्होंने कहा कि मुझे यह सूचित करते हुए गर्व महसूस हो रहा है कि पूरे मार्च माह में, एक घटना को छोड़कर नियंत्रण रेखा पर कोई गोलीबारी नहीं हुई। करीब पांच-छह वर्ष में यह पहली बार हुआ है। जब एलओसी पर शांति रही।'
जनरल नरवणे ने पाक की ओर आतंकी ढांचे की मौजूदगी के बारे में कहा कि इस बारे में भारत के पास खुफिया सूचनाएं हैं। उन्होंने कहा कि आतंकी ढांचे और शिविर मौजूद हैं। हमारे पास उन शिविरों, ठिकानों और घुसपैठ की फिराक में तैयार तथा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आतंकवादियों की संभावित संख्या के बारे में विस्तार से खुफिया सूचना है।
भारत की एक इंच जमीन पर चीन का कब्जा नहीं
एलएसी पर बीते साल से जारी तनाव को लेकर सेना प्रमुख ने कहा कि भारत की एक इंच जमीन पर अब चीन का कब्जा नहीं है। पूर्वी लद्दाख में LAC पर महीनों से जारी गतिरोध के बीच दोनों देशों के सैनिकों के पीछे हटने के बारे में जनरल नरवणे ने कहा,'कुछ इलाके ऐसे हैं,जिन पर किसी का भी नियंत्रण नहीं है।