आर्मी चीफ नरवणे का बयान, भारत का चीन से रिश्ता वैसा ही होगा, जैसा हम चाहेंगे

Highlights

  • एक पड़ोसी के तौर पर हम चाहेंगे कि सीमा पर शांति और स्थिरता बनी रहे।
  • जनरल एमएम नरवणे ने कहा कि ये बहुत अच्छा परिणाम है।

नई दिल्ली। आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे (Manoj Mukund Naravane) ने बुधवार को दो टूक कहा कि चीन (China) के साथ भारत का रिश्ता वैसा ही होगा, जैसा हम चाहेंगे।

नरवणे ने कहा कि उन्हें लगता है कि ये पूर्ण रूप से सरकार की सोच है कि चीन के साथ हमारा रिश्ता उसी तरह से विकसित होगा, जैसी हमारी इच्छा उसे विकसित करने की होगी।" आर्मी चीफ (Army Chief) के अनुसार एक सरकार के तौर पर, एक राष्ट्र के तौर पर हमने दिखा दिया है कि जो भी समाधान हुए, उसमें हमारा राष्ट्रहित सर्वोपरि है।

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जनरल नरवणे के अनुसार एक पड़ोसी के तौर पर हम चाहेंगे कि सीमा पर शांति और स्थिरता बनी रहे। कोई नहीं चाहता कि सीमा पर किसी तरह की अस्थिरता हो। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पैंगोग त्सो में चीन के संग तनाव खत्म होने के मामले पर जनरल एमएम नरवणे ने कहा कि ये बहुत अच्छा परिणाम है। दोनों देशों के लिए जीत की स्थिति है।

गौरतलब है कि फरवरी माह के मध्य में पूर्वी लद्दाख में पैंगोग त्सो के पास एलएसी पर भारत और चीन के बीच करीब नौ माह तक चला तनाव कम हो रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दोनों देशों के बीच समझौता होने के दो दिन के अंदर चीन ने 200 से अधिक टैंक वहा से हटा लिए थे।

दोनों देशों का मुख्य केंद्र अब सीमा पर अन्य इलाकों में जारी तनाव को पूरी तरह से खत्म करना है। चीन के साथ तनाव को लेकर राज्यसभा में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि चीनी सेना फिंगर आठ से पीछे हटने को तैयार हो चुकी है। भारतीय और चीनी सेना का प्रारंभिक विघटन पैंगोग झील तक सीमित है। दोनों सेनाओं को अपनी असल तैनाती पर दोबारा आने में दो हफ्ते का समय लग सकता है।

Mohit Saxena
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