
नई दिल्ली। भारत रत्न पंडित अटल बिहारी वाजपेयी अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी एक-एक चीज देश के लिए अनमोल धरोहर से कम नहीं है। एक ऐसी खबर सामने आई है जो हर किसी को दुखी कर सकती है। दरअसल दो विश्वविद्यालयों की लड़ाई में वाजपेयी की राजनीति शास्त्र की डिग्री गुम हो गई है। दो विश्वविद्यालय मिलकर भी अटल बिहारी जैसे शख्स के दस्तावेज संभालकर नहीं रख सके।
दो साल पहले सामने आया था मामला
मामला कानपुर विश्वविद्यालय और आगरा विश्वविद्यालय का है। गौरतलब है कि अटल ने कानपुर के डीएवी कॉलेज से राजनीति शास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएशन किया था। यह कॉलेज कानपुर के डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के अंतर्गत आता था, इसे आगरा विश्वविद्यालय के नाम से भी जाना जाता था। बाद में कानपुर विश्वविद्यालय के अंतर्गत कर दिया गया। लेकिन दो साल पहले जब आगरा विश्वविद्यालय से अटल बिहारी वाजपेयी की डिग्री मांगी गई तो उन्होंने रिकॉर्ड में होने से इनकार कर दिया।
आगरा विश्वविद्यालय से मिला ये जवाब
प्राप्त जानकारी के मुताबिक डिग्री के लिए पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) की ओर से लिखे गए पत्र के जवाब में आगरा विश्वविद्यालय ने इससे पल्ला झाड़ लिया और कह दिया कि उनके पास वाजपेयी की कोई डिग्री नहीं है। जवाब में कहा गया कि कानपुर विश्वविद्यालय बनने के बाद सारे दस्तावेज वहां के प्रबंधन को सौंप दिए गए थे। इसके बाद पीएमओ ने कानपुर विश्वविद्यालय से संपर्क किया।
कानपुर से मिला ये जवाब
पीएमओ के सवाल पर कानपुर यूनिवर्सिटी ने जवाब दिया कि जब वाजपेयी ने राजनीति शास्त्र में मास्टर डिग्री ली थी उस वक्त डीएवी कॉलेज आगरा विश्वविद्यालय के अंतर्गत आता था। इसलिए इस कॉलेज के सारे रिकॉर्ड और अटल जी की डिग्री आगरा विश्वविद्यालय के पास होंगे।