सूत्रों के मुताबिक इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड आतंकी जहूर टोकर है, जो पहले सेना का जवान रह चुका है।
नई दिल्ली। दक्षिण कश्मीर में गुरुवार को शहीद हुए सेना के जवान औरंगजेब की हत्या के मामले में चार लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें से दो आतंकी विदेशी जबकि दो स्थानीय हैं। सूत्रों के मुताबिक इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड आतंकी जहूर टोकर है, जो पहले सेना का जवान रह चुका है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक औरंगजेब पर लंबे समय से आतंकियों की नजर थी। यह भी खुलासा हुआ है कि औरंगजेब की यूनिट की खबर लीक की गई थी।
'सेना और सुरक्षा बलों को संदेश देने की कोशिश'
23 राष्ट्रीय राइफल्स के जवान औरंगजेब का आतंकियों ने दक्षिण कश्मीर के पुलवामा से अपहरण कर लिया था। इसके बाद उनका गोलियों से छलनी किया गया शव पुलिस ने बरामद किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें बंदूक की नोक पर पुलवामा के कलामपोरा से अगवा किया गया था। बताया जा रहा है कि भारतीय सेना के आतंक विरोधी ऑपेरशन से परेशान पाकिस्तानी इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई लगातार इस तरह की कोशिशें कर रही हैं। औरंगजेब की हत्या को घाटी के युवाओं को दुष्प्रेरित करने के लिए उठाया गया कदम बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि इसके जरिए आतंकी सेना और सुरक्षाबलों के साथ-साथ आम कश्मीरी युवकों को कड़ा संदेश देना चाहते थे।
पिता, चाचा और भाई भी सेना से जुड़े
गौरतलब है कि शहीद औरंगजेब हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी समीर टाइगर को मारने वाली टीम के सदस्य थे। औरंगजेब से पहले उनके पिता भी सेना के साथ जुड़े हुए थे। फिलहाल उनके पिता सेना से रिटायर हो चुके हैं। 2004 में आतंकियों से लड़ते हुए उनके चाचा भी शहीद हो गए थे। इनके अलावा औरंगजेब के भाई भी सेना में हैं।