
नई दिल्ली। पिछले 15 सालों से बिस्तर पर रहने वाले 65 वर्षीय अब्दुल लतीफ गनई को हाल में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत ‘सर्वश्रेष्ठ निर्माण पुरस्कार’ मिला है। अब्दुल पिछले कई सालों से बीमार थे। अब जब उन्हें सरकार की तरफ से ये ईनाम मिला है तो उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि “ सरकार की यह योजना परिवार के लिए एक आशीर्वाद के रूप में आई है।”
मिली जानकारी के मुताबिक अब्दुल जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के भदरवाह के रहने वाले हैं। बीते शुक्रवार को पीएम मोदी और केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए PMAY के तहत ‘सर्वश्रेष्ठ निर्माण पुरस्कार’ से सम्मानित किया। सम्मान मिलने के बाद गनई ने कहा, “लंबी बीमारी के कारण, मुझे अपनी हर चीज बेचनी पड़ी और मैं अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ एक कमरे में रहता हूं, लेकिन यह योजना एक बड़ी राहत के तौर पर आई है।”
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब्दुल भदरवाह नगर के थर्रा मोहल्ला इलाके में एक छोटी सी कपड़े की दुकान पर काम करते थे, लेकिन स्लिप ***** होने की वजह से वह 15 साल से बिस्तर पर हैं। बीमारी ने उनका सबकुछ छिन लिया और वे दिवालिया हो गए। इसके बाद उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का पता चला। अब्दुल कहते हैं कि ये योजना मेरे परिवार के लिए एक आशीर्वाद के रूप में आई है क्योंकि आज हम अपने खुद के पक्के मकान में रह रहे हैं और खुद प्रधानमंत्री ने सबसे अच्छे निर्माण के लिए हमें सम्मानित भी किया।
अब्दुल के बेटे नदीम लतीफ ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि हमने कई साल बहुत मुश्किल समय देखा है। मैं और मेरे भाइयों ने कई रातें दूसरों के घरों पर रातें बितानी पड़ी। हमारे घर में केवल एक कमरा होता था, लेकिन अब हमारे पास अपनी छत है जिसके लिए हम प्रधानमंत्री के आभारी है।
बता दें प्रधानमंत्री मोदी ने जून 2015 में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की शुरूआत की थी। अब इसी योजना में सर्वश्रेष्ठ निर्माण पुरस्कार के लिए देश के कुल 88 लाभार्थियों को चुना गया था। जिनमें से तीन जम्मू-कश्मीर के हैं।