किसान आंदोलन के बीच Bharat Bandh से बढ़ सकती है आपकी मुश्किल 8 दिसंबर मंगलवार को कई सेवाओं पर रहेगा बंद का असर शादी समारोह और आपतकालीन सेवाओं को रखा गया दूर
नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन ( Farmer Protest ) जारी है। सोमवार को दिल्ली सीमा स्थित जारी आंदोलन का 12वां दिन है और मंगलवार यानी 8 दिसंबर को किसानों ने भारत बंद बुलाया है। 12 से ज्यादा राजनीतिक दलों ने किसानों के भारत बंद ( Bharat Bandh ) का समर्थन किया है। वहीं किसान संगठनों ने देशवासियों से भी भारत बंद का समर्थन करते हुए बंद में शामिल होने की अपील की है।
आईए जान लेते हैं आखिर 8 दिसंबर को भारत बंद के बीच क्या कुछ रहेगा बंद और क्या खुलेगा।
आंदोलन को मजबूती के लिए बंद का आह्वान
किसान आंदोलन को और मजबूती देने के लिए किसान संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया है। किसान नेता बलदेव सिंह के मुताबिक ये सिर्फ पंजाब या हरियाणा के किसानों का आंदोलन नहीं बल्कि पूरे देश का है। यही वजह है कि किसानों ने 8 दिसंबर को शांतिपूर्ण तरीके से बंद का आह्वान किया है।
8 दिसंबर को ये रहेगा बंद
भारत बंद के ऐलान को लेकर योगेंद्र यादव ने सिंघु बॉर्डर के पास एक प्रेस वार्ता में कहा कि 8 तारीख को सुबह से शाम तक भारत बंद रहेगा. 'चक्का-जाम' शाम तीन बजे तक रहेगा। दूध-फल-सब्जी पर रोक रहेगी।
ऑटो-टैक्सी यूनियन का भी बंद को समर्थन
दिल्ली समेत देश के अन्य हिस्सों के ऑटो, टैक्सी यूनियन भी मंगलवार को होने वाले भारत बंद में शामिल होंगे। दिल्ली में मंगलवार को आम लोगों को टैक्सी और ऑटो लेने में परेशानी हो सकती है। कई ऑटो-टैक्सी यूनियनों ने भारत बंद का समर्थन किया है।
सर्वोदय ड्राइवर एसोसिएशन के कमलजीत गिल ने भारत बंद को समर्थन दिया है, यहां के अधिकतर ड्राइवर दिल्ली में कैब सर्विस में काम करते हैं। जबकि कुछ ऑटो एसोसिएशन ने बंद से दूरी बनाने की बात कही है।
इन सेवाओं पर बंद का असर नहीं
8 दिसंबर को किसानों की ओर से बुलाए गए भारत बंद के आह्वान के बीच कुछ सेवाओं के बंद के दायरे से दूर रखा गया है। इनमें शादी के कार्यक्रमों को निर्बाध जारी रखने की छूट दी गई है। इसके अलावा एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को भी बिना किसी रोक-टोक के जारी रखा जाएगा।
आरएसएस से जुड़े किसान संघ ने बनाई दूरी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े किसान संगठन ने मंगलवार को बुलाए गए भारत बंद को समर्थन ना देने का फैसला लिया है। संघ का कहना है कि हम सरकार के साथ लोकतांत्रिक ढंग से लड़ाई लडेंगे।