
नई दिल्ली।
क्या देश में कोरोना मरीजों की संख्या छुपाने का काम चल रहा है? यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है कि कई राज्यों में आधिकारिक आंकड़े वास्तविक संख्या से कम सामने आ रहे हैं। आंकड़ों को कम दिखाने के लिए राज्यों ने दो तरीके प्रयोग आजमाए। पहला यह कि टेस्टिंग व स्कैनिंग की संख्या को कम करना। दूसरा एंटीजन टेस्ट को बढ़ाना और पीसीआर टेस्ट की संख्या को कम करना।
कोविड की शुरुआत में सौ फीसदी आरटी—पीसीआर टेस्ट शुरू हुए थे, जो घटकर 60 फीसदी से कम रह गए हैं। आइसीएमआर के आंकड़ों में यही साफ हुआ है कि देश में करीब 34 लाख कोविड मरीजों की जानकारी रिपोर्ट ही नहीं हुई है। एंटीजन टेस्ट कोरोना वायरस को पीसीआर टेस्ट की तरह पहचान नहीं करता। पीसीआर टेस्ट की सकारात्मकता दर एंटीजन टेस्ट की तुलना में 2.5 से 3.5 गुना अधिक है। दिल्ली में पीसीआर टेस्ट की सकारात्मक दर 14 प्रतिशत है,जबकि एंटीजन परीक्षणों के लिए सकारात्मक दर 4 प्रतिशत है। देश में औसत आरटी—पीसीआर टेस्ट सिर्फ 58 फीसदी हो रहे हैं।
राजनीतिक दल जिम्मेदारी लें
कर्नाटक हाईकोर्ट ने राजनीतिक दलों को नोटिस जारी कर कहा कि सभी दल अपनी जिम्मेदारी को समझें और अपने कार्यकतार्ओं, समर्थकों को मास्क तथा सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने के लिए निर्देशित करें।
टीकाकरण के लिए बनेंगे वैक्सीन बूथ
कोरोना की वैक्सीन लगाने को लेकर अभी मंजूरी नहीं मिली है लेकिन तैयारियां शुरू हैं। पहले चरण में हाई रिस्क के 30 करोड़ लोगों को वैसीन मिलेगी। पोलिंग बूथ की तरह टीमें बनेंगी। यह ब्लॉक स्तर तक बनाई जाएंगी।
पंजाब में भी नाइट कर्फ्यू
पंजाब के सभी शहरों व कस्बों में 1 दिसंबर से रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाया जाएगा। सभी होटल, रेस्तरां और वेडिंग वेन्यू रात साढ़े 9 बजे से बंद रहेंगे। मास्क न पहनने पर 1000 रु. जुर्माना लगाया जाएगा।