
पटना। बिहार में एक बार फिर आकशीय बिजली ( thunderstorms In Bihar ) यानी वज्रपात ने कहर बरपाते हुए 29 लोगों की जान ले ली। जबकि, आसमान से बरसी इस मौत में आधा दर्जन से ज्यादा लोग बुरी तरह झुलस गए हैं। वज्रपात से सबसे ज्यादा मौत जमुई जिले में हुई है। कयास लगाया जा रहा है कि मरने वालों की संख्या में अभी और इजाफा हो सकता है।
जमुई में 8 लोगों की मौत
जानकारी के मुताबिक, जमुई में मंगलवार से लेकर बुधवार सुबह तक आकाशीय बिजली गिरने से आठ लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, छह लोग झुलस गए हैं।
घायलों को नजदीकी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि खैरा थाने की गरही पंचायत के सीतमाडीह गांव में स्कूल से घर लौट रहे बच्चों के एक समूह पर आकाशीय बिजली गिरी, जिसमें दो बच्चों की भी मौत हो गई। मरने वालों में एक महिला भी शामिल है।
औरंगाबाद में सात लोगों की मौत
जमुई के बाद सबसे ज्यादा मौत औरंगाबाद जिले में हुई है। आकाशीय बिजली गिरने से यहां अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है।
यहां गोह इलाके में चार जबकि रफीगंज में तीन लोगों की मौत हो गई है। वहीं, वज्रपात से तीन लोग गंभीर रूप से झुलस भी गए हैं।
वहीं, बांका, भागलपुर, नालंदा और सासाराम में वज्रपात से कुल 11 लोगों की मौत हो गई है। बांका में अलग-अलग स्थानों पर पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि दो लोग झुलस गए हैं।
वहीं, भागलपुर, नालंदा और सासाराम में आकाशीय बिजली ने दो-दो लोगों की जान ले ली।
इसके अलावा मुंगेर, कटिहार और अरवल में भी वज्रपात से एक-एक लोग की मौत हो गई है। इससे पहले भी इस आसमानी से मौत से राज्य में कई लोगों की मौत हो गई थी।
गौरतलब है कि बिहार से सटे उत्तर प्रदेश में दो दिन पहले ही आकाशीय बिजली गिरने से 35 लोगों की मौत हो गई थी।