गुरुवार को वाम दलों ने बिहार बंद का आह्वान किया। बंद का असर राज्य में दिख रहा है।
पटना। देश को हिला देने वाले मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड में जहां लोगों में गुस्सा दिख रहा है। वहीं सियासी पार्टियां भी सरकार के खिलाफ अपने विरोध का इजहार कर रही हैं। गुरुवार को वाम दलों ने बिहार बंद का आह्वान किया। वाम दलों के बिहार बंद का राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने भी समर्थन किया है। बता दें कि बंद से पहले आरजेडी प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाते हुए कहा था कि इस घटना के तार कहीं न कहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी से जुड़े हुए हैं। बंद के दौरान वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ता बैनर, पोस्टर लगे सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने नीतिश सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। वहीं पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कहासुनी भी देखने को मिली। पटना में पुलिस और वामपंथी कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। वहीं खबर है कि गोपालगंज राजद जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक रेयाजुल हक राजू को 158 समर्थकों के साथ नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया कर लिया गया है।
दिख रहा है बंद का असर
बिहार राज्य में कई जगह बंद का असर देखने को मिल रहा है। आरा, जहानाबाद, गया, शेखपुरा, नालंदा में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन भी रोक दी तो वहीं कई जगहों पर सड़क यातायात भी पूरी तरह से बाधित हुआ है। शेखपुरा में बिहार बंद समर्थकों ने हावड़ा-गया एक्सप्रेस ट्रेन को रोक दिया और रेलवे ट्रैक को भी जाम किया है। बता दें कि बंद समर्थकों में वामपंथी दल, राजद और कांग्रेस के कार्यकर्ता है। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी हाईकोर्ट की निगरानी में समय सीमा के अंदर आरोपी को सजा देने की मांग कर रहे हैं। उधर भाजपा ने पलटवार करते हुए बंद को बेबुनियाद बताया। पीडब्ल्यूडी मंत्री विनोद नारायण झा ने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर मामले में एनडीए सरकार ने मजबूत कार्रवआई की है।