
नई दिल्ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने शनिवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए टीडीएस जमा करने और देरी से टैक्स रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को बढ़ा दिया है। CBDT ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्दनेजर ये निर्णय लिया है।
CBDT की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, वित्त वर्ष 2020 के आयकर रिटर्न दाखिल करने, आयुक्तों से अपील दायर करने और विवाद समाधान पैनलों के आदेशों पर आपत्तियां उठाने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है।
बयान में कहा गया है कि करदाता 1 अप्रैल या उसके बाद के टीडीएस को मई के अंत तक या कानून में निर्दिष्ट तारीख के भीतर या फिर जारी किए गए नोटिस में जो भी बाद में हो तब तक जमा कर सकते हैं। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2020-21 के लिए टैक्स रिटर्न दाखिल करने और संशोधित रिटर्न, जिसे 31 मार्च 2021 को या उससे पहले दाखिल करना आवश्यक था, अब अतिरिक्त समय 31 मई 2021 तक दाखिल करने का समय दिया जाता है।
31 मई तक बढ़ा समय
आयकर अधिनियम, मूल्यांकनकर्ताओं को मूल्यांकन वर्ष के अंत तक या कर निर्धारण पूरा होने से पहले संशोधित रिटर्न दाखिल करने की अनुमति देता है, यदि वे मूल रिटर्न में कोई चूक या गलत विवरण खोजते हैं। संपत्ति लेनदेन में भुगतान करने वाले व्यक्तियों द्वारा टीडीएस के जमा करने के लिए, नियत तारीख अब 30 अप्रैल से बढ़ाकर मई के अंत तक कर दी गई है।
संपत्ति के लेनदेन में 1 फीसदी और 50,000 रुपये से अधिक किराए के भुगतान में 5 फीसदी टीडीएस जमा करना पड़ता है। सीबीडीटी ने कहा कि उसे करदाताओं, सलाहकारों और अन्य हितधारकों से नियत तारीखों में छूट के लिए कई अनुरोध मिले हैं, जिसके बाद ये फैसला लिया गया है।