भारतीय सेना अपने दम पर सीमा सुरक्षा में करने में सक्षम। जरूरत पड़ने पर हम पड़ोसी देशों के हितों की भी कर सकते हैं रक्षा।
नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चीन के साथ तनाव के बीच एक बार सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी सेना और सुरक्षा बल के जवान न केवल भारतीय सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर हम पड़ोसियों के हितों की रक्षा करने के लिए भी तैयार हैं।
भारतयी सेना अब क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने में भी सक्षम है। इसलिए आवश्यकता पड़ने पर हम पड़ोसी देशों में भी स्थायित्व की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। भारतीय सेना का ढांचा ऐसा है कि वो जरूरत के हिसाब से खुद में तेजी से बदलाव लाने में सक्षम है।
सीडीएस बिपिन रावत ( CDS Bipin Rawat ) ने कहा कि भारत की सुरक्षा जरूरतें लगातार बढ़ रही हैं। बावजूद इसके हम न केवल अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं, एलएसी, एलओसी बल्कि रणनीतिक तौर पर अहम पड़ोसियों की भी रक्षा कर रहे हैं। ये बात बिपिन रावत ने इमर्जिंग डिफेंस एक्सपोर्ट्स विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम में कही।
देश की अखंडता और क्षेत्रीय स्थिरता को ध्यान में रखते हुए भारत न केवल अमरीका के साथ अपने संबंधों को मजबूती देने पर जोर दे रहा है बल्कि रूस के साथ पारंपरिक रिश्तों में भी नयापन लाने की योजना पर काम जारी है। उन्होंने कहा कि रूस और अमरीका दोनों के साथ हमारे संबंध मजबूत और बेहतर सहमति पर आधारित हैं।
इसके साथ ही भारत अपनी सुरक्षा जरूरतों के अपने दम पर पूरा करने के लिए मेक इन इंडिया पर जोर दे रही है। हमारी योजना भविष्य में खुद के बनाए हथियारों से ही जीतने की है।
बता दें कि 4 माह से ज्यादा समय से भारत-चीन के बीच लद्दाख में तनाव जारी है। तनाव को देखते हुए दोनों तरफ से सीमा पर भारी संख्या में सेना के जवान तैनात हैं। पिछले कुछ दिनों में भी पीएलए ने एलएसी क्रॉस कर भारतीय क्षेत्र में धुसपैठ की कोशश की है। लेकिन सेना ने उसे नाकाम कर दिया।