केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसे राष्ट्रीय आपदा के रूप में घोषित करने का कोई प्रावधान नहीं है। केंद्र सरकार हरसंभव मदद करेगी।
तिरुवंनतपुरम: केंद्र सरकार ने तमिलनाडु और केरल में आए ओखी तूफान को राष्ट्रीय आपदा मानने से इनकार कर दिया है। केंद्र ने राज्य सरकार की मांग को खारिज करते हुए कहा कि इसमें राष्ट्रीय आपदा मानने वाली कोई बात नहीं है। केंद्र सरकार के पर्यटन राज्य मंत्री के.जे. अल्फोंस ने रविवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि केरल के तिरुवंनतपुरम और कोल्लम जिले में भारी तबाही मचाने वाले चक्रवाती तूफान 'ओखी' को राष्ट्रीय आपदा घोषित नहीं किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसे राष्ट्रीय आपदा के रूप में घोषित करने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य को इस आपदा से निपटने के लिए सहायता निधि प्रदान करेगी और अगर जरूरत पड़ी तो अधिक राशि आवंटित की जाएगी। केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन के साथ बैठक में केंद्रीय पर्यटन मंत्री अल्फोंस ने बचाव और पुनर्वास कार्यों पर चर्चा करने के लिए केरल के मुख्यमंत्री पी.विजयन और मंत्रिमंडल के अन्य सहयोगियों के साथ बैठक भी की।
ओखी तूफान से 13 लोगों की मौत
बता दें कि तमिलनाडु और केरल में आए चक्रवात ओक्खी से अब तक 13 लोगों की जानें जा चुकी है। तूफान के चलते दोनों राज्यों में भारी बारिश हुई। कन्याकुमारी में बाढ़ के हालात है। यहां सेना का राहत व बचाव अभियान युद्धस्तर पर चल रहा है। सरकार के अनुसार 1200 से अधिक लोगों को राहत शिविरों में ठहराया है। वहीं 14 मछुआरे अभी गायब बताए जा रहे हैं जिन्हें सेना द्वारा ढूंढऩे का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार तटरक्षक बल की मदद से 30 मछुआरों को समंदर से निकाला गया है जबकि 76 लोगों के फंसने की खबर है।
केंद्र सरकार देगी मदद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु में चक्रवात ओक्खी से हुए नुकसान को लेकर शक्रवार रात मुख्यमंत्री के पलनीस्वामी से बात की। इस बातचीत के बाद तमिलनाडु सरकार ने कहा कि वह राज्य के दक्षिणी हिस्सों में चक्रवात ओक्खी से हुए नुकसान के लिए केंद्र से जल्द ही वित्तीय मदद की मांग करेगी। कन्याकुमारी और तिरुन्नलवेली जिले चक्रवात से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों में भारी बरसात की संभावना है इसलिए राज्य में हाई अलर्ट कर दिया गया है।