
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने शुक्रवार को मुजफ्फरपुर जिले में चमकी बुखार ( AES ) से पीड़ित बच्चों के उपचार से जुड़ी जनहित याचिकाओं ( PIL ) पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने इस मामले में याचिकाकर्ताओं से पटना हाईकोर्ट में केस फाइल करने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार और केंद्र सरकार के जवाब पर संतोष जाहिर करते हुए याचिकाकर्ता से पटना हाईकोर्ट से संपर्क करने का सुझाव दिया है।
डॉक्टरों के 57 फीसदी पद खाली
बता दें कि याचिकाकर्ता ने चमकी बुखार ( AES ) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि बिहार में डॉक्टर्स के कुल पदों में से 57 प्रतिशत पद खाली हैं। इन पदों को भरने के लिए शीर्ष अदालत बिहार सरकार को निर्देश दे।
इसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस समय हम कोर्ट में जजों की कमी को भर रहे हैं और आप चाहते है कि डॉक्टरों की कमी को भी हम ही पूरा करें?
कमी तो हर जगह है
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह तो राज्य सरकार का काम है। यहां तो जजों के भी पद खाली हैं। हम उसे भी नहीं भर पा रहे हैं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कमी तो हर जगह है। जज, शिक्षक, पानी, सूर्य की रोशनी सब कुछ की किल्लत है।